MGKVP Admission 2026: काशी विद्यापीठ ने खोली करेक्शन विंडो, 23 जून तक आवेदन फॉर्म में कर सकेंगे संशोधन
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने स्नातक प्रवेश 2026-27 के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को फॉर्म में संशोधन का मौका दिया है। 19 से 23 जून तक करेक्शन विंडो खुली रहेगी। हालांकि नाम, जन्मतिथि और आवेदित पाठ्यक्रम में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले छात्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। विश्वविद्यालय ने सत्र 2026-27 के प्रवेश फॉर्म में गलती सुधारने के लिए करेक्शन विंडो खोलने का फैसला किया है। जिन अभ्यर्थियों से आवेदन भरते समय कोई त्रुटि हो गई है, वे 19 जून से 23 जून तक ऑनलाइन फॉर्म में संशोधन कर सकेंगे।
19 जून से खुलेगी करेक्शन विंडो
काशी विद्यापीठ की कुलसचिव डॉ. सुनीता पाण्डेय ने बताया कि कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी के निर्देश पर छात्रों को आवेदन पत्र में सुधार का अवसर दिया जा रहा है। इसके तहत 19 जून से 23 जून 2026 तक विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल पर करेक्शन विंडो खुली रहेगी।
छात्र विश्वविद्यालय के प्रवेश पोर्टल https://mgkvpadmission.samarth.edu.in/index.php/site/login पर जाकर अपने लॉगिन आईडी और पासवर्ड की मदद से आवेदन पत्र में जरूरी बदलाव कर सकते हैं।
नाम, जन्मतिथि और कोर्स नहीं बदल सकेंगे
विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि सभी जानकारियों में बदलाव की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थी अपने नाम, जन्मतिथि और जिस पाठ्यक्रम के लिए आवेदन किया है, उसमें किसी प्रकार का संशोधन नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा अन्य जानकारियों में जरूरत के अनुसार सुधार किया जा सकता है।
23 जून के बाद नहीं मिलेगा मौका
विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने आवेदन पत्र की पूरी जानकारी ध्यान से जांच लें। यदि किसी प्रकार की गलती है तो उसे 23 जून से पहले ही ठीक कर लें, क्योंकि निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद किसी भी प्रकार का करेक्शन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
छात्रों के लिए जरूरी सूचना
प्रवेश प्रक्रिया को आसान और त्रुटिरहित बनाने के लिए विश्वविद्यालय ने यह सुविधा दी है। ऐसे में जिन छात्रों से आवेदन भरते समय कोई गलती हो गई है, उनके लिए यह आखिरी मौका माना जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभ्यर्थियों से समय रहते अपने आवेदन पत्र की जांच कर आवश्यक संशोधन करने की अपील की है।
