MGKVP छात्रों ने किया धरना प्रदर्शन: केंद्र सरकार की भर्ती में BPED-MPED की डिग्री को मान्यता न मिलने पर नाराज
वाराणसी में एमजीकेवीपी के छात्रों ने बीपीएड और एमपीएड दो वर्षीय कोर्स को केंद्रीय विद्यालयों में मान्यता न मिलने के विरोध में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। छात्रों ने इसे भविष्य के साथ खिलवाड़ बताया। तीन घंटे के विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया कि मांगों को शिक्षा मंत्रालय तक भेजा जाएगा।
वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्र उस समय उग्र हो उठे जब केंद्रीय विद्यालयों में भर्ती के लिए जारी योग्यता मानकों में BPED और MPED के दो वर्षीय कोर्स को मान्यता नहीं मिली। बीएचयू छात्रों के हालिया विरोध के बाद अब एमजीकेवीपी के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय मार्ग पर जाम लगाकर घंटों धरना दिया।
छात्रों ने आरोप लगाया कि योग्यता मानकों में बदलाव कर उन्हें सीधे बेरोजगार बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि देशभर में विश्वविद्यालय इन कोर्सों को नियमित रूप से संचालित करते हैं, लेकिन केंद्रीय भर्ती में इन्हें नजरअंदाज करना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
छात्रों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि वर्षों की मेहनत से हासिल की गई डिग्री को नौकरी में मान्यता न मिलने से उनका करियर अधर में लटक गया है। उनका सवाल था, जब कोर्स वैध है तो नौकरी में इसका उपयोग क्यों नहीं?
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिया आश्वासन
लगभग तीन घंटे के प्रदर्शन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन मौके पर पहुंचा। वरिष्ठ अधिकारियों ने छात्रों के प्रतिनिधियों से चर्चा की और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को लिखित रूप से शिक्षा मंत्रालय, नई दिल्ली भेजा जाएगा। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि छात्रों के हितों की रक्षा के लिए विश्वविद्यालय पूरी गंभीरता से प्रयास करेगा।
