MGKVP केसरिपुर गांव में 17 जून से लगाएगा योग शिविर, महिलाओं और गर्भवती मिलाओं के लिए चलेगा विशेष योग सत्र
Jun 15, 2026, 21:10 IST
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वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ द्वारा गोद लिए गए केसरिपुर गांव में 17 जून से विशेष योग प्रशिक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम 21 जून तक चलेगा, जिसका उद्देश्य ग्रामीण समुदाय को योग के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है।
कार्यक्रम का आयोजन काशी विद्यापीठ के महिला अध्ययन केंद्र की ओर से किया जा रहा है। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी के संरक्षण और मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान के तहत ग्रामीण महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों को योग, प्राणायाम, ध्यान और तनाव प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष योग सत्र
इस वर्ष के कार्यक्रम की सबसे खास पहल गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष योग प्रशिक्षण सत्र होंगे। इन सत्रों में मातृ स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, प्रसव पूर्व देखभाल और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े योग अभ्यासों की जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञ प्रशिक्षक गर्भावस्था के विभिन्न चरणों के अनुरूप सुरक्षित और लाभकारी योग क्रियाओं का प्रशिक्षण देंगे।
स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण पर जोर
कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि योग के जरिए न केवल स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि परिवार और समाज में भी सकारात्मक वातावरण का निर्माण होगा।
योग के वैज्ञानिक लाभों से होंगे रूबरू
शिविर में ग्रामीणों को योग के वैज्ञानिक और व्यावहारिक लाभों की भी जानकारी दी जाएगी। इसके जरिए तनावमुक्त जीवन, बेहतर स्वास्थ्य और संतुलित दिनचर्या के महत्व को समझाया जाएगा।
इस कार्यक्रम की संयोजक प्रो. वंदना सिन्हा, निदेशक, महिला अध्ययन केंद्र हैं, जबकि प्रो. शैला परवीन, समाज कार्य विभाग, कार्यक्रम की समन्वयक हैं। काशी विद्यापीठ का यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और योग संस्कृति के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन काशी विद्यापीठ के महिला अध्ययन केंद्र की ओर से किया जा रहा है। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी के संरक्षण और मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान के तहत ग्रामीण महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों को योग, प्राणायाम, ध्यान और तनाव प्रबंधन की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष योग सत्र
इस वर्ष के कार्यक्रम की सबसे खास पहल गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष योग प्रशिक्षण सत्र होंगे। इन सत्रों में मातृ स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन, प्रसव पूर्व देखभाल और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े योग अभ्यासों की जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञ प्रशिक्षक गर्भावस्था के विभिन्न चरणों के अनुरूप सुरक्षित और लाभकारी योग क्रियाओं का प्रशिक्षण देंगे।
स्वास्थ्य और महिला सशक्तिकरण पर जोर
कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। आयोजकों का मानना है कि योग के जरिए न केवल स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि परिवार और समाज में भी सकारात्मक वातावरण का निर्माण होगा।
योग के वैज्ञानिक लाभों से होंगे रूबरू
शिविर में ग्रामीणों को योग के वैज्ञानिक और व्यावहारिक लाभों की भी जानकारी दी जाएगी। इसके जरिए तनावमुक्त जीवन, बेहतर स्वास्थ्य और संतुलित दिनचर्या के महत्व को समझाया जाएगा।
इस कार्यक्रम की संयोजक प्रो. वंदना सिन्हा, निदेशक, महिला अध्ययन केंद्र हैं, जबकि प्रो. शैला परवीन, समाज कार्य विभाग, कार्यक्रम की समन्वयक हैं। काशी विद्यापीठ का यह प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और योग संस्कृति के प्रसार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
