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काशी विद्यापीठ में 28 जुलाई तक धरना-प्रदर्शन पर रोक, दीक्षांत समारोह से पहले प्रशासन की सख्त चेतावनी

MGKVP Convocation 2026: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन ने 48वें दीक्षांत समारोह से पहले विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक और विधिक कार्रवाई की जाएगी।

 
काशी विद्यापीठ
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वाराणसी: महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (एमजीकेवीपी) के 48वें दीक्षांत समारोह की तैयारियों के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर में किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समारोह के दौरान परिसर में विरोध-प्रदर्शन या किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक के साथ-साथ विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।

28 जुलाई को होगा 48वां दीक्षांत समारोह

विश्वविद्यालय का 48वां दीक्षांत समारोह 28 जुलाई को आयोजित होना है। समारोह की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने परिसर में शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि समारोह के सफल आयोजन में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।

धरना-प्रदर्शन को माना जाएगा प्रशासनिक कार्यों में बाधा

कुलानुशासक प्रो. के.के. सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी छात्र, छात्रा या अन्य व्यक्ति द्वारा धरना, प्रदर्शन अथवा विरोध कार्यक्रम आयोजित करना प्रतिबंधित रहेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई भी कृत्य शासकीय और प्रशासनिक कार्यों में बाधा माना जाएगा। यदि कोई व्यक्ति आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक और विधिक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी।

समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों से मिलने की अपील

विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों से अपील की है कि यदि उन्हें पढ़ाई, परीक्षा, परिणाम, प्रमाणपत्र या विश्वविद्यालय से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या है तो वे धरना-प्रदर्शन का रास्ता अपनाने के बजाय संबंधित संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, पाठ्यक्रम प्रभारी, कार्यालय अधीक्षक या अन्य संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान कराएं।

प्रशासन ने संवाद के माध्यम से समाधान पर दिया जोर

प्रो. के.के. सिंह ने कहा कि यदि संबंधित विभाग स्तर पर समस्या का समाधान नहीं होता है, तो छात्र विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर अपनी शिकायत रख सकते हैं। प्रशासन का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि शैक्षणिक गतिविधियां और दीक्षांत समारोह दोनों सुचारु रूप से संपन्न हो सकें।