वाराणसी की लापता किशोरी को कानपुर में ₹1 लाख में बेचने का आरोप, तलाश में जुटी पुलिस
वाराणसी। चौबेपुर थाना क्षेत्र से लगभग एक माह पहले लापता हुई 17 वर्षीय किशोरी को कानपुर में एक लाख रुपये में बेचने का सनसनीखेज आरोप सामने आया है। पीड़िता ने किसी तरह अपने परिजनों से फोन पर संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए पांच सदस्यीय टीम को कानपुर रवाना कर दिया है।
परिजनों के अनुसार, किशोरी छह जून की रात रहस्यमय परिस्थितियों में घर से लापता हो गई थी। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला। तीन जुलाई को किशोरी ने एक मोबाइल नंबर से अपने चाचा को फोन किया और बताया कि चौबेपुर व सारनाथ के दो युवकों ने एक महिला की मदद से पहले उसे एक मकान में बंधक बनाकर रखा। इसके बाद उसे कानपुर ले जाकर कथित तौर पर एक लाख रुपये में बेच दिया गया, जहां उसे जबरन बंधक बनाकर रखा गया है।
पीड़िता के फोन के बाद परिजनों ने तत्काल संबंधित मोबाइल नंबर पुलिस को सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और किशोरी की सुरक्षित बरामदगी की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
चौबेपुर थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि किशोरी की सकुशल बरामदगी के लिए पांच सदस्यीय पुलिस टीम कानपुर भेजी गई है। उन्होंने कहा कि पीड़िता को जल्द सुरक्षित बरामद कर घटना में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्र में दहशत और चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों ने मानव तस्करी जैसी आशंकाओं की निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
