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मानसून फिर हुआ एक्टिव! 15-16 अगस्त को गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट, गंगा का जलस्तर घटा

 
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वाराणसी। मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। इसके असर से काशी और आसपास के जिलों में अगले छह दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश हो सकती है। शुक्रवार को गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है, जबकि 15 और 16 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

गुरुवार को वाराणसी में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की रफ्तार लगभग 3 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जबकि वातावरण में नमी 74 प्रतिशत रही। नमी और निम्न दबाव के प्रभाव से अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

शुक्रवार को गरज-चमक के साथ बारिश

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शुक्रवार को थंडरस्टॉर्म के प्रभाव से वाराणसी और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है। मौसम खराब होने पर लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।

वहीं 15 और 16 अगस्त को भारी वर्षा की संभावना है। इसके बाद 17 और 18 अगस्त को भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रह सकता है। मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कारण अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।

गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन रफ्तार धीमी

बारिश के बीच गंगा के जलस्तर को लेकर राहत की खबर है। पिछले 36 घंटों में गंगा के जलस्तर में करीब 11 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई है। फिलहाल जलस्तर 63.60 मीटर पर पहुंच गया है। हालांकि पानी घटने की रफ्तार अभी बेहद धीमी है।

जानकारी के मुताबिक करीब छह घंटे में केवल एक सेंटीमीटर और 12 घंटे में लगभग दो सेंटीमीटर की कमी दर्ज की जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार फिलहाल वाराणसी में गंगा का जलस्तर और घटने का अनुमान है। पानी कम होने के साथ घाटों और तटवर्ती इलाकों में राहत बढ़ने की उम्मीद है।

नाव संचालन से हटी रोक

गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के दौरान नाव संचालन पर लगाई गई रोक अब हटा ली गई है। जलस्तर कम होने के बाद नाविकों को राहत मिली है। हालांकि नदी में आवाजाही के दौरान अभी भी सावधानी बरतने की जरूरत है।

गंगा का उफान कम होने और बाढ़ का पानी उतरने के बाद तुलसी घाट की सीढ़ियां भी दोबारा दिखाई देने लगी हैं। इससे घाट क्षेत्र में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति लौटने के संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि अभी कई घाटों के बीच संपर्क पूरी तरह बहाल नहीं हुआ है। जलस्तर में और कमी आने के बाद ही घाटों पर आवागमन और अन्य गतिविधियों के पूरी तरह सामान्य होने की उम्मीद है।