मेरे बच्चों को इंसाफ चाहिए... वाराणसी में कारोबारी मनीष सिंह हत्याकांड पर पत्नी का फूटा गुस्सा
वाराणसी के घमहापुर गांव में कारोबारी मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या के मामले में एक महीने बाद भी कई आरोपी फरार हैं। पत्नी अंकिता सिंह ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए जिला मुख्यालय पर धरने का ऐलान किया है। सोशल मीडिया पर उनका भावुक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
वाराणसी: फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में कारोबारी मनीष सिंह की पीट-पीटकर हत्या के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। घटना के एक महीने बाद भी कई आरोपी फरार हैं, जिससे मृतक के परिवार का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब मनीष सिंह की पत्नी अंकिता सिंह ने न्याय के लिए पुलिस कमिश्नर और डीएम सतेंद्र कुमार से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि जघन्य हत्याकांड के इतने दिन बाद भी परिवार को न्याय नहीं मिला और दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने घोषणा की कि शुक्रवार को जिला मुख्यालय (कचहरी) पर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
वहीं, पुलिस कमिश्नर से मिलने के बाद मीडिया से बातचीत में अंकिता ने बताया कि पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है, और कहा है कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी होगी। उन्होंने कहा मुझे शासन और प्रशासन पर पूरा भरोसा है कि वो मुझे और मेरे बच्चों को न्याय दिलाएंगे।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ भावुक वीडियो
इसी बीच अंकिता सिंह का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह अपने तीन मासूम बच्चों के भविष्य की चिंता जताते हुए न्याय की गुहार लगाती नजर आ रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भी इस मामले को लेकर आक्रोश बढ़ गया है। परिवार का कहना है कि मनीष सिंह घर के अकेले कमाने वाले सदस्य थे और उनकी मौत के बाद पूरा परिवार गहरे संकट में आ गया है।
धरना रोकने के लिए पुलिस की हलचल तेज
धरना-प्रदर्शन की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है। गुरुवार रात कई समर्थकों और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के घरों पर पुलिस फोर्स तैनात की गई। कई लोगों को घरों में ही नजरबंद किए जाने की भी चर्चा है।
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन की ओर से अंकिता सिंह को समझाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि स्थिति तनावपूर्ण न हो। हालांकि परिवार अपने फैसले पर अड़ा हुआ है।
मदद करने रुके थे मनीष, भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला
गौरतलब है कि 26 अप्रैल 2026 की रात कारोबारी मनीष सिंह अपनी फैक्ट्री से कार से घर लौट रहे थे। घमहापुर गांव के पास उनकी कार से एक महिला को टक्कर लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मनीष मौके से भागने के बजाय गाड़ी रोककर महिला की मदद करने लगे थे।
इसी दौरान मौके पर भारी भीड़ जुट गई और आक्रोशित लोगों ने कानून को हाथ में लेते हुए मनीष सिंह पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मनीष को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है और अब यह मामला राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
