जन्म के बाद खेत में मिला नवजात, रोहनिया थाना प्रभारी की तत्परता से बची मासूम की जान
वाराणसी। रोहनिया क्षेत्र के गोविंदपुर से गंगापुर मार्ग पर मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई। बगीचे के पास खेत में एक नवजात शिशु को कथित तौर पर लोकलाज के भय से छोड़ दिया गया। भूख से तड़प रहे नवजात के खेत में पड़े होने की सूचना मिलने पर रोहनिया थाना प्रभारी निरीक्षक राजू सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे।
मौके पर पहुंचने पर थाना प्रभारी ने देखा कि नवजात की सांसें चल रही थीं। उन्होंने बिना देर किए बच्चे को पास स्थित अनंत हॉस्पिटल, रोहनिया पहुंचाया। अस्पताल के निदेशक डॉ. आलोक शर्मा और उनकी टीम ने तत्काल बच्चे का उपचार शुरू किया, जिससे उसकी जान बचाई जा सकी।
डॉ. आलोक शर्मा के अनुसार, नवजात के जन्म के बाद करीब तीन घंटे तक खेत में रहने की संभावना है। समय पर अस्पताल पहुंचने और उपचार मिलने के बाद बच्चे की हालत अब पूरी तरह स्वस्थ बताई जा रही है।
थाना प्रभारी राजू सिंह ने मामले की जानकारी चाइल्ड लाइन को भी दे दी है। उनकी तत्परता से नवजात को समय पर उपचार मिल सका और उसकी जान बच गई। स्थानीय लोगों के बीच भी पुलिस की इस सक्रियता और मानवीय पहल की चर्चा है।
घटना के बाद आसपास के लोगों ने नवजात को खेत में छोड़ने वाले व्यक्ति के प्रति नाराजगी जताई। वहीं, पुलिस पूरे मामले की जानकारी जुटाने में लगी है, ताकि बच्चे को खेत में छोड़ने की घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
