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सर्पदंश पर झाड़-फूंक नहीं, तुरंत अस्पताल पहुंचें, वाराणसी CMO ने ग्रामीणों को बताए बचाव के उपाय

 
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वाराणसी। अंतरराष्ट्रीय सर्पदंश जागरूकता दिवस के मौके पर शनिवार को वाराणसी में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में आशा कार्यकत्रियों, एएनएम, सीएचओ, स्वास्थ्यकर्मियों और ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार और समय पर इलाज कराने के बारे में जानकारी दी गई। इस वर्ष की थीम “सर्पदंश से बचे लोग और बचावकर्ता : बदलाव के अग्रदूत” रखी गई, जिसके जरिए सर्पदंश से बच चुके लोगों और राहत-बचाव कार्य में जुटे लोगों के अनुभवों को समाज के लिए प्रेरणादायी बताया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह ने कहा कि सांप के काटने की स्थिति में घबराने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि सर्पदंश के बाद झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के चक्कर में समय बर्बाद न करें, बल्कि नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाएं। उन्होंने कहा कि समय पर सही उपचार मिलने से सर्पदंश के गंभीर परिणामों से बचा जा सकता है।

सर्पदंश के बाद क्या करें, क्या न करें

डॉ. शिवशक्ति प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि सांप के काटने के बाद पीड़ित को शांत रखना चाहिए और उसे अनावश्यक रूप से चलने-फिरने नहीं देना चाहिए। काटे गए अंग को यथासंभव स्थिर रखते हुए जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने लोगों को आगाह किया कि सर्पदंश वाली जगह पर चीरा लगाना, मुंह से जहर चूसने की कोशिश करना, कसकर टॉर्निकेट बांधना या किसी तरह की जड़ी-बूटी अथवा अन्य पदार्थ लगाना नुकसानदायक हो सकता है।

ऐसे उपायों से इलाज में देरी भी हो सकती है। उन्होंने बताया कि सर्पदंश के मामलों में एंटी-स्नेक वेनम (ASV) की उपलब्धता और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा समय पर उपचार बेहद महत्वपूर्ण है।

बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान

स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सर्पदंश से बचाव के तरीके भी बताए गए। घर के आसपास साफ-सफाई रखने, कूड़ा-कचरा और झाड़ियां जमा न होने देने, रात में जमीन पर सोने से बचने और मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। इसके अलावा अंधेरे में बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करने को भी कहा गया।

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों और ग्रामीणों को सर्पदंश की स्थिति में अपनाए जाने वाले सुरक्षित प्राथमिक उपायों की जानकारी दी गई। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की कि सांप के काटने की किसी भी घटना को गंभीरता से लें और बिना समय गंवाए सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में उपचार कराएं।