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नालंदा रेलवे स्टेशन पर FOB नहीं, पटरी पार कर रहे यात्री- वाराणसी के अधिवक्ता ने उठाए सवाल, तो मिली मंजूरी 

नालंदा रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज की कमी से यात्रियों की जान जोखिम में है। वकील अभिषेक जायसवाल ने रेलवे प्रशासन को पत्र लिखकर इसे सुरक्षा मानकों का उल्लंघन बताया है और तुरंत FOB या सबवे निर्माण की मांग की है।
 
नालंदा रेलवे स्टेशन
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बिहार के ऐतिहासिक महत्व वाले नालंदा रेलवे स्टेशन पर बुनियादी सुरक्षा सुविधाओं की कमी को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। वाराणसी के अधिवक्ता अभिषेक जायसवाल ने रेलवे प्रशासन को औपचारिक प्रतिनिधित्व भेजकर इस मुद्दे को उठाया है। नालंदा रेलवे स्टेशन पर फुट ओवर ब्रिज को मंजूरी मिल गई है। अधिवक्ता अभिषेक जायसवाल ने सवाल उठाया कि यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े इस अहम प्रोजेक्ट पर काम कब शुरू होगा। रेलवे ने जल्द निर्माण का आश्वासन दिया है।

फुट ओवर ब्रिज नहीं, यात्रियों को पटरी पार करने की मजबूरी

अधिवक्ता के अनुसार, स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 के बीच जाने के लिए न तो फुट ओवर ब्रिज (FOB) है और न ही कोई अंडरपास। ऐसी स्थिति में यात्रियों-खासकर बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे—को सीधे रेलवे ट्रैक पार करना पड़ता है, जो बेहद खतरनाक है।

रेलवे एक्ट और संविधान के उल्लंघन का आरोप

इस मामले को सिर्फ सुविधा की कमी नहीं, बल्कि कानून के उल्लंघन के रूप में भी देखा जा रहा है। अधिवक्ता ने अपने पत्र में कहा कि यह स्थिति रेलवे एक्ट 1989 की सुरक्षा प्रावधानों के विपरीत है और यात्रियों की जान को खतरे में डालती है। साथ ही, इसे संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन और सुरक्षित आवागमन के अधिकार का उल्लंघन भी बताया गया है।

बढ़ सकता है हादसों का खतरा

अधिवक्ता ने कहा, रेलवे ट्रैक पार करना देश में दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण रहा है। ऐसे में बिना किसी सुरक्षित व्यवस्था के यात्रियों का ट्रैक पार करना गंभीर हादसे को न्योता दे सकता है। ऐसी स्थिति में किसी भी दुर्घटना की जिम्मेदारी रेलवे प्रशासन पर आ सकती है।

रेलवे प्रशासन से की गईं ये प्रमुख मांगें

वाराणसी के अधिवक्ता अभिषेक जायसवाल द्वारा रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों- डीआरएम, जीएम और जिला प्रशासन को भेजे गए पत्र के बाद मामला तेजी से संज्ञान में लिया गया। इसके बाद दानापुर मंडल के एडीशनल डिविजनल रेलवे मैनेजर राजीव कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि स्टेशन पर 3 मीटर चौड़े फुट ओवर ब्रिज के निर्माण को स्वीकृति मिल चुकी है।

अधिवक्ता ने रेलवे से कई अहम मांगें रखी कि- स्टेशन का तत्काल निरीक्षण कराया जाए, फुट ओवर ब्रिज या अंडरपास निर्माण को मंजूरी दी जाए, जब तक स्थायी समाधान न हो, तब तक आरपीएफ या स्टाफ तैनात किया जाए।


पर्यटन स्थल होने के बावजूद कमजोर इंफ्रास्ट्रक्चर

नालंदा एक विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। इसके बावजूद स्टेशन पर ऐसी बुनियादी सुविधा का अभाव रेलवे की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।