सावन में काशी के कांवड़ मार्गों पर नॉनवेज बैन, होटल-ढाबों को सिर्फ शाकाहारी भोजन बेचने के निर्देश, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
वाराणसी में सावन महीने को देखते हुए प्रशासन ने कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था शुरू कर दी है। कांवड़ यात्रा मार्गों पर अब सावन भर मांस, मछली और अंडे की बिक्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और खाद्य दुकानदारों को केवल शाकाहारी भोजन बेचने के निर्देश दिए हैं।
विभाग के अनुसार यह व्यवस्था शिवभक्तों और कांवड़ियों की धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लागू की गई है। कछवा रोड, रोहनिया, बाबतपुर और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर तक जाने वाले प्रमुख कांवड़ मार्गों पर यह नियम प्रभावी रहेगा।
मंदिर क्षेत्र में लाइसेंस और रेट लिस्ट अनिवार्य
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के तीन किलोमीटर के दायरे में आने वाली सभी खाद्य दुकानों को अपना खाद्य लाइसेंस या पंजीकरण प्रमाणपत्र दुकान पर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना होगा। इसके साथ ही खाने-पीने की वस्तुओं की रेट लिस्ट भी लगानी होगी, जिससे श्रद्धालुओं से मनमाने दाम वसूले जाने की शिकायतों पर रोक लग सके।
भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर विशेष निगरानी
एफएसडीए ने दुकानदारों को भोजन और मिठाइयों को ढककर रखने के निर्देश दिए हैं। रसोई, बर्तन, पेयजल और दुकान के आसपास साफ-सफाई बनाए रखना अनिवार्य होगा। साथ ही कचरे का नियमित निस्तारण भी करना होगा।
होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों को अपने कर्मचारियों का पूरा विवरण भी सुरक्षित रखना होगा, ताकि जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर अधिकारियों को जानकारी उपलब्ध कराई जा सके।
सावन भर चलेगा जांच अभियान, नियम तोड़ने पर कार्रवाई
सावन मेले के दौरान एफएसडीए की टीमें लगातार खाद्य दुकानों, होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों की जांच करेंगी। इस दौरान लाइसेंस, भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और रेट लिस्ट की जांच की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
