वाराणसी में सीवर गैस से चाय बनाने पर NSUI नेताओं पर केस, पुलिस ने दर्ज की FIR
वाराणसी के काशी विद्यापीठ में एलपीजी गैस की कमी के विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने नाले की गैस से चाय बनाकर प्रदर्शन किया। पुलिस ने इसे खतरनाक बताते हुए छह नामजद सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया और दो कार्यकर्ताओं पर शांतिभंग की कार्रवाई की।
वाराणसी: एलपीजी गैस की कथित कमी को लेकर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ परिसर में किया गया विरोध प्रदर्शन विवादों में आ गया है। प्रदर्शन के दौरान सीवर की गैस से चाय बनाने की कोशिश करने पर पुलिस ने एनएसयूआई से जुड़े कई कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
रविवार को विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर एकत्र हुए छात्रों ने दावा किया कि परिसर में गैस सिलेंडर की कमी के कारण छात्रावासों और मेस में भोजन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। विरोध जताने के लिए कार्यकर्ताओं ने नाले के ऊपर चूल्हा रखकर प्रतीकात्मक रूप से चाय बनाने का प्रयास किया।
इस बीच सूचना मिलते ही सिगरा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को ऐसा करने से रोका। पुलिस ने इसे जोखिम भरा कदम बताते हुए चूल्हा और अन्य सामान जब्त कर लिया। दो कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर उनके खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई।
इस मामले में NSUI के पूर्वी क्षेत्र अध्यक्ष ऋषभ पांडेय समेत कई लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस के मुताबिक उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
छात्र नेताओं का कहना है कि गैस संकट के कारण विश्वविद्यालय में रहने वाले छात्रों को रोजमर्रा की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस मुद्दे को गंभीरता से लेने और जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
