8 फरवरी को कांग्रेस का संविधान बचाओ आंदोलन, अजय राय का मोदी सरकार पर हमला- देश को गुलामी की ओर धकेला जा रहा
Varanasi : उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने केंद्र और राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि संविधान को कमजोर किया जा रहा है और देश को गुलामी की ओर धकेला जा रहा है। लहुराबीर स्थित अपने आवासीय कार्यालय में बुधवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में राय ने आगामी 8 फरवरी को लाल बहादुर शास्त्री घाट पर 'संविधान बचाओ' कार्यक्रम का ऐलान किया। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पांचों कांग्रेस सांसदों के अलावा प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।
अजय राय ने केंद्र सरकार पर संविधान को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश को गुलामी की ओर धकेला जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को अमेरिका के सामने गिरवी रख दिया है। विदेशी तेल खरीदने और भारतीय किसानों की उपज को विदेशी बाजारों में बेचने की नीतियां आत्मनिर्भरता को कमजोर कर रही हैं। विदेशी फलों को बढ़ावा देकर भारतीय किसानों को संकट में डाला जा रहा है।उन्होंने सेवानिवृत्त जनरल की किताब पर रोक को अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला बताते हुए राहुल गांधी को बिना रोक-टोक बोलने का अधिकार देने की मांग की।
धार्मिक और जातीय मुद्दों पर फोकस
कांग्रेस की नई रणनीति में ब्राह्मण और मुस्लिम समुदायों को केंद्र में रखते हुए राय ने भाजपा को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने UGC बिल और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ब्राह्मण समाज का अपमान कर रही है। उनके नेता खुद को शंकराचार्य से भी ऊपर समझते हैं। गोरखपुर में फर्जी एनकाउंटर जैसी घटनाएं ब्राह्मणों को निशाना बना रही हैं। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश को छह ब्राह्मण मुख्यमंत्री दिए हैं—हमारे यहां ब्राह्मणों का सम्मान शुरू से रहा है, है और रहेगा।
धार्मिक सद्भाव पर जोर देते हुए राय ने लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में स्थित 600 साल पुरानी मजार का उदाहरण दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि जब केजीएमयू नहीं था, तब से यह मजार मौजूद है, लेकिन सरकार हिंदू-मुस्लिम विभेद फैलाकर धार्मिक स्थानों को नष्ट करने की साजिश रच रही है। मणिकर्णिका घाट पर माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति तोड़े जाने जैसा ही मजार के साथ करने की कोशिश हो रही है। कांग्रेस ऐसे स्थलों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ी रहेगी।
यह बयान 2027 विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जहां पार्टी जातीय और धार्मिक समीकरणों को साधकर भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि UGC बिल, शंकराचार्य विवाद और धार्मिक स्थलों के मुद्दे उठाकर कांग्रेस अपनी खोई जमीन वापस पाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। हालांकि, भाजपा की ओर से अभी इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
