सावन के पहले दिन सीएम योगी ने काशी विश्वनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, बाबा काल भैरव की उतारी आरती
वाराणसी। सावन माह की शुरुआत के साथ ही काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। गुरुवार तड़के ब्रह्ममुहूर्त से ही बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। मंदिर में भगवान शिव का आकर्षक फूलों से श्रृंगार किया गया और मंगला आरती के बाद आम श्रद्धालुओं के लिए बाबा के दरबार के कपाट खोल दिए गए। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के दिन काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे, यहां उन्होंने बाबा विश्वनाथ दर्शन किया। सीएम ने काल भैरव मंदिर में भी पूजा-अर्चना की।
सीएम ने गर्भगृह में बाबा के दर्शन किए और इसके बाद मंदिर परिसर व आसपास की सुरक्षा और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री काशी की गलियों में भी पहुंचे, जहां उन्होंने स्थानीय दुकानदारों से सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने एक दुकान पर बैठे बच्चे को स्नेहपूर्वक चॉकलेट भी भेंट की।
करीब 20 मिनट तक मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सावन के दौरान श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन कराना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए जिससे किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, ग्लूकोज, ओआरएस, स्वास्थ्य सहायता केंद्र, हेल्प डेस्क और भीड़ प्रबंधन की व्यापक व्यवस्था की गई है। उन्होंने कांवड़ यात्रियों से अपील की कि वे प्लास्टिक के पात्र में गंगाजल लेकर न आएं, क्योंकि काशी विश्वनाथ धाम को प्लास्टिक मुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है।
सीईओ ने यह भी बताया कि 30 जुलाई से 28 अगस्त तक पूरे श्रावण मास में किसी भी प्रकार का विशेष वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं रहेगा। सभी श्रद्धालु सामान्य व्यवस्था के तहत बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे। हालांकि, गर्भगृह में स्पर्श दर्शन पर पहले की तरह रोक जारी रहेगी।
बता दें कि, पहले दिन श्रद्धालुओं को छह अलग-अलग मार्गों से मंदिर परिसर में प्रवेश दिया गया। मंदिर चौक में बनाए गए जिगजैग बैरिकेडिंग सिस्टम के जरिए भक्तों को व्यवस्थित ढंग से दर्शन कराए जा रहे हैं। मंदिर के बाहर करीब एक किलोमीटर लंबी कतार देखने को मिली। सुबह से ही 50 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं।
