चैत्र नवरात्र पर काशी विश्वनाथ धाम में होंगे कई भव्य आयोजन, विशालाक्षी देवी का होगा विशेष श्रृंगार
Varanasi : काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ न्यास द्वारा सभी सनातन त्योहार परंपरागत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। इसी क्रम में चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
नवरात्र के प्रमुख कार्यक्रम
न्यास द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार नवरात्र के दौरान कई विशेष अनुष्ठान और आयोजन होंगे—
- प्रथम दिवस पर विधि-विधान से कलश स्थापना की जाएगी।
- नवरात्र की पूर्व संध्या पर काशी विशालाक्षी मंदिर से नौ कलश गंगाजल लाकर भगवान श्री विश्वनाथ को अर्पित किए जाएंगे। अगले दिन मंगला आरती के बाद उन्हीं कलशों के गंगाजल से महादेव का जलाभिषेक किया जाएगा।
- नवरात्र के नौ दिनों तक प्रतिदिन भगवान श्री विश्वेश्वर की ओर से माता विशालाक्षी को वस्त्र और श्रृंगार सामग्री भेंट की जाएगी।
- काशी में विराजमान नवदुर्गा स्वरूप देवियों को भी श्री काशी विश्वनाथ धाम की ओर से प्रतिदिन वस्त्र और श्रृंगार अर्पित किए जाएंगे।
सांस्कृतिक संध्या और धार्मिक अनुष्ठान
नवरात्र के दौरान धाम स्थित शिवार्चनम मंच पर प्रतिदिन सांस्कृतिक संध्या का आयोजन होगा। साथ ही शक्ति आराधना के अंतर्गत दुर्गा सप्तशती का पाठ विधि-विधान से कराया जाएगा।
श्रृंगार गौरी की विशेष आराधना
नवरात्र के दौरान एक दिन काशी की परंपरा के अनुसार श्रृंगार गौरी मंदिर की आराधना को समर्पित रहेगा। इस अवसर पर काशीवासी और श्रद्धालु माता की विशेष पूजा-अर्चना करेंगे। मंदिर न्यास की ओर से श्रद्धालुओं के लिए नारियल और फलाहारी प्रसाद की व्यवस्था की जाएगी।
राम नवमी पर अखंड रामायण पाठ
नवरात्र के अंतिम दिनों में राम नवमी के पावन अवसर पर अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया जाएगा। वहीं नवमी तिथि को नौ मातृ शक्तियों को मुख्य याजक के रूप में आमंत्रित कर नवमी यज्ञ संपन्न कराया जाएगा। मंदिर प्रशासन के अनुसार सभी आयोजन काशी की प्राचीन धार्मिक परंपराओं और विधि-विधान के अनुसार संपन्न किए जाएंगे, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
