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कैंट थाने से 100 मीटर दूर ऑनलाइन जुआ गिरोह का भंडाफोड़, 8 गिरफ्तार; ₹68 हजार और 11 मोबाइल बरामद
 

 
 कैंट थाने से 100 मीटर दूर ऑनलाइन जुआ गिरोह का भंडाफोड़, 8 गिरफ्तार; ₹68 हजार और 11 मोबाइल बरामद
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वाराणसी। कैंट थाना क्षेत्र में पुलिस की नाक के नीचे चल रहे ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी गिरोह का साइबर क्राइम पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मंगलवार को सद्भावना पार्क के पीछे छापेमारी कर पुलिस ने भाग्य लक्ष्मी एप और वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन सट्टा संचालित करने वाले गिरोह के आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से 68,275 रुपये नकद और 11 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस लाइन सभागार में एसीपी साइबर क्राइम विनय द्विवेदी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सदर बाजार कैंट निवासी पवन अग्रहरि, अंशुमान चंद्र, दीपक कुमार गुप्ता, मोहम्मद खुर्शीद, ललित मोहन उर्फ सोनू, विकास कुमार गुप्ता उर्फ विक्की, आदमपुर के नचनी कुआं निवासी सुनील कुमार और दशाश्वमेध के त्रिपुरा भैरवी घाट निवासी शिव कुमार साहनी के रूप में हुई है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी भाग्य लक्ष्मी नामक ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क संचालित कर रहे थे। गिरोह के सदस्य ग्राहकों से संपर्क कर उन्हें वेबसाइट का लिंक भेजते थे। इसके बाद नकद और ऑनलाइन भुगतान लेकर अलग-अलग समय पर अंक आधारित सट्टा खिलाया जाता था।

आरोपियों पर आरोप है कि गिरोह सबसे अधिक चुने गए नंबरों का विश्लेषण कर परिणामों में हेरफेर करता था। इससे खिलाड़ियों को आर्थिक नुकसान होता था, जबकि गिरोह को फायदा पहुंचता था। ग्राहकों से संपर्क, भुगतान और नेटवर्क संचालन के लिए व्हाट्सऐप ग्रुप समेत अन्य मैसेजिंग एप का इस्तेमाल किया जा रहा था।

बरामद मोबाइल फोन की जांच में सट्टेबाजी से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पुलिस इनका विस्तृत डिजिटल फोरेंसिक विश्लेषण करा रही है। जांच में कई संदिग्ध मोबाइल नंबर भी चिन्हित किए गए हैं, जिनसे गिरोह के नेटवर्क को लेकर अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। पुलिस ने सट्टेबाजी से जुड़ी पर्चियां, हिसाब-किताब और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं।

साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक उदयवीर सिंह ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों, वित्तीय लाभार्थियों और तकनीकी सहयोगियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का दावा है कि गिरोह के असली मास्टरमाइंड की भी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी और सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी।

थाना-चौकी और एसओजी को भी नहीं लगी भनक

सबसे बड़ा सवाल यह है कि कैंट थाने से महज 100 मीटर और नदेसर चौकी से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी का नेटवर्क चल रहा था, लेकिन स्थानीय पुलिस और एसओजी को इसकी भनक तक नहीं लगी।

विभागीय सूत्रों के अनुसार, नदेसर के मिंट हाउस, कटिंग मेमोरियल मैदान के सामने, सदर बाजार और छावनी क्षेत्र में एक होटल के पीछे भी ऑनलाइन लॉटरी और सट्टेबाजी के नेटवर्क संचालित होने की चर्चा है। सूत्रों का दावा है कि इन जगहों पर पिछले करीब एक महीने से ऑनलाइन लॉटरी का खेल चल रहा है। अब साइबर क्राइम पुलिस की कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।