देशभक्ति के सुरों से गूंजा नेहरू पार्क, 39 जीटीसी के जवानों ने बैंड प्रस्तुति से बांधा समां
Varanasi : छावनी परिषद वाराणसी एवं दीपिका कल्चरल सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से नेहरू पार्क कैंट में आयोजित साप्ताहिक सांस्कृतिक श्रृंखला ‘वरुणा संध्या’ में इस बार 39 जीटीसी के जवानों ने देशभक्ति से ओतप्रोत शानदार सिम्फनी बैंड की प्रस्तुति दी। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में मिलिट्री बैंड, जैज बैंड और पाइप बैंड की प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को राष्ट्रप्रेम से भर दिया।
कार्यक्रम में ‘संदेशे आते हैं’, ‘ये देश है वीर जवानों का’, ‘वंदे मातरम्’, ‘तेरी मिट्टी’, ‘ताकत वतन की’, ‘कंधों से मिलते हैं कंधे’, ‘जय हो’ और ‘ऐ मेरे वतन के लोगों’ सहित कई देशभक्ति गीतों की धुनें गूंजीं। जवानों के बैंड की धुनों के साथ देशभक्ति गीत शुरू होते ही दर्शकों में उत्साह और भावुकता का माहौल देखने को मिला।

‘संदेशे आते हैं’ और ‘तेरी मिट्टी’ जैसी प्रस्तुतियों ने सैनिकों के त्याग और बलिदान की याद दिलाई, जबकि ऐ मेरे वतन के लोगों’ ने दर्शकों को भावुक कर दिया। वहीं ‘वंदे मातरम्’ और ‘ये देश है वीर जवानों का’ की धुनों ने कार्यक्रम में देशप्रेम का जोश भर दिया।
मिलिट्री बैंड का नेतृत्व जेसीओ सूबेदार तूल बर्दार थापा, जैज बैंड का नेतृत्व हवलदार बाल कृष्ण खत्री और पाइप बैंड का नेतृत्व जेसीओ एनबी/सब करुणाकर मिश्रा ने किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुनीत गुप्ता, एयरपोर्ट निदेशक, कर्नल अनिरबर्न धार और संस्था अध्यक्ष अजय गुप्ता ने संयुक्त रूप से तीनों बैंडों के प्रमुखों को अंगवस्त्रम एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन आनंद कुमार ने किया, जबकि परिषद के अभियंता सचिन कुमार श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

‘वरुणा संध्या’ की यह शाम केवल संगीत कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि 39 जीटीसी के जवानों की प्रस्तुतियों ने वीर सैनिकों के प्रति सम्मान और राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत किया। प्रस्तुति समाप्त होने के बाद भी देशभक्ति की धुनों की गूंज दर्शकों के बीच बनी रही।
