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काशी विश्वनाथ मंदिर में अधिवक्ता से दुर्व्यवहार और मारपीट के मामले में पुलिस का एक्शन, आरोपी दलाल समेत 6 पर FIR

 
FIR
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वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) में दर्शन के दौरान अधिवक्ता के साथ कथित अभद्रता और धक्कामुक्की का मामला सामने आया है। बढ़ते दबाव के बाद पुलिस ने आरोपी रूपेश मौर्या उर्फ शानू और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पीड़ित अधिवक्ता Dilip Mishra ने चौक थाने में दी तहरीर में बताया कि वह नियमित रूप से बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने मंदिर जाते हैं। 20 मई 2026 की सुबह करीब 4:15 बजे वह नेमी दर्शनार्थियों की लाइन में खड़े थे।

आरोप है कि इसी दौरान रूपेश मौर्या उर्फ शानू वहां पहुंचा और अपने साथ आए लोगों को जबरन लाइन में लगाने लगा। विरोध करने पर उसने स्थानीय दर्शनार्थियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी।

अधिवक्ता का आरोप है कि जब उन्होंने नियमों का पालन करने की बात कही तो आरोपी नाराज हो गया और उन्हें लाइन से बाहर खींचने लगा। साथ ही खुलेआम अपमानजनक टिप्पणी करते हुए मारपीट पर उतारू हो गया।

तहरीर के अनुसार आरोपी ने अधिवक्ता की टी-शर्ट की जेब में रखा 200 रुपये का नोट भी जबरन निकाल लिया और पूजा सामग्री नीचे गिरा दी। जब वहां मौजूद अन्य श्रद्धालुओं ने विरोध किया तो आरोपी के 4-5 साथी भी मौके पर पहुंच गए और मारपीट करने लगे।

अधिवक्ता ने आरोप लगाया कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और मंदिर कर्मचारी मूकदर्शक बने रहे। उन्होंने चौक थाना पुलिस और मंदिर के कुछ कर्मचारियों पर भी दलालों से मिलीभगत का आरोप लगाया है।

पुलिस ने दिलीप मिश्रा की तहरीर के आधार पर मुख्य आरोपी रूपेश मौर्या उर्फ शानू और उसके पांच साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वकीलों ने दी आंदोलन की चेतावनी

इस मामले को लेकर अधिवक्ता समाज में भी नाराजगी है। वकीलों ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी और मंदिर परिसर में कथित अवैध दलाली पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

अधिवक्ताओं का आरोप है कि कुछ होटल संचालकों और एजेंटों के माध्यम से श्रद्धालुओं से पैसे लेकर विशेष दर्शन कराए जाते हैं, जबकि सामान्य दर्शनार्थियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है।

वकीलों ने प्रशासन को दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो चौक थाना से लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर तक सांकेतिक रैली और आंदोलन किया जाएगा।