Movie prime

काशी में विश्व मांगल्य सभा का प्रांतीय अधिवेशन: सर्वधर्म समभाव की शोभायात्रा, पद्मश्री मालिनी अवस्थी रहीं विशिष्ट अतिथि
 

 
 काशी में विश्व मांगल्य सभा का प्रांतीय अधिवेशन: सर्वधर्म समभाव की शोभायात्रा, पद्मश्री मालिनी अवस्थी रहीं विशिष्ट अतिथि
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी। विश्व मांगल्य सभा काशी प्रांत अधिवेशन के दूसरे दिन रविवार की सुबह 8 बजे सर्वधर्म समभाव की भावना से ओतप्रोत एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में लगभग 1000 मातृ शक्तियों ने भाग लेते हुए भारत की विविध संस्कृतियों, भाषाओं और परंपराओं का सुंदर प्रदर्शन किया। विभिन्न वेशभूषाओं और बोलियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।

 काशी में विश्व मांगल्य सभा का प्रांतीय अधिवेशन: सर्वधर्म समभाव की शोभायात्रा, पद्मश्री मालिनी अवस्थी रहीं विशिष्ट अतिथि

शोभायात्रा के दौरान लाठी, काठी, तलवार और घोष जैसे पारंपरिक कलाओं का प्रदर्शन भी किया गया, जिसने दर्शकों को आकर्षित किया। नगर परिक्रमा के माध्यम से निकाली गई इस शोभायात्रा का उद्देश्य विश्व मांगल्य सभा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था।

 काशी में विश्व मांगल्य सभा का प्रांतीय अधिवेशन: सर्वधर्म समभाव की शोभायात्रा, पद्मश्री मालिनी अवस्थी रहीं विशिष्ट अतिथि

शोभायात्रा का समापन श्रृंगेरी मठ में हुआ। इसके बाद यहां उपस्थित मातृ शक्तियों ने अपनी-अपनी संस्कृति और कला का प्रदर्शन नृत्य, संगीत और नाट्य रूपांतरण के माध्यम से किया। वाराणसी और जौनपुर की विभिन्न सदाचार सभाओं से आई बहनों की प्रस्तुतियां विशेष रूप से सराहनीय रहीं।

 काशी में विश्व मांगल्य सभा का प्रांतीय अधिवेशन: सर्वधर्म समभाव की शोभायात्रा, पद्मश्री मालिनी अवस्थी रहीं विशिष्ट अतिथि

अधिवेशन के द्वितीय सत्र का संचालन श्रीमती दीप्ती तैलंग द्वारा किया गया, जिसकी शुरुआत अधिवेशन गीत और शक्तिगान से हुई। इस सत्र में वरिष्ठ साहित्यकार और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. नीरजा माधव मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ डॉ. अनूप कुमार मिश्र, प्रांत प्रचारक प्रशांत जी, अध्यक्ष रेखा जी, उपाध्यक्ष नलिनी जी, महासचिव प्रियंका शुक्ला तथा काशी की अध्यक्ष डॉ. आनंद प्रभा सिंह भी मंच पर मौजूद रहीं।

 काशी में विश्व मांगल्य सभा का प्रांतीय अधिवेशन: सर्वधर्म समभाव की शोभायात्रा, पद्मश्री मालिनी अवस्थी रहीं विशिष्ट अतिथि

अपने उद्बोधन में डॉ. नीरजा माधव ने कहा कि यदि किसी स्त्री के बच्चे को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जाए तो वह सिंहनी की तरह अपनी संतान की रक्षा करती है। यही वास्तविक मातृत्व की परिभाषा है और इसे आत्मसात करने का विश्व मांगल्य सभा एक उत्कृष्ट उदाहरण है। द्वितीय सत्र का संचालन श्रीमती विभा पांडेय ने किया।

 काशी में विश्व मांगल्य सभा का प्रांतीय अधिवेशन: सर्वधर्म समभाव की शोभायात्रा, पद्मश्री मालिनी अवस्थी रहीं विशिष्ट अतिथि

अधिवेशन के समापन सत्र में प्रसिद्ध लोक गायिका और पद्मश्री सम्मानित मालिनी अवस्थी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। विश्व मांगल्य सभा की ओर से उनका भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। अपने संबोधन में मालिनी अवस्थी ने विदुर नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि व्यक्ति को सदैव अपने चरित्र की रक्षा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ वात्सल्य के साथ-साथ थोड़ी सख्ती भी जरूरी है, क्योंकि बच्चे अपनी मां को देखकर ही सीखते हैं।

 काशी में विश्व मांगल्य सभा का प्रांतीय अधिवेशन: सर्वधर्म समभाव की शोभायात्रा, पद्मश्री मालिनी अवस्थी रहीं विशिष्ट अतिथि

इस अवसर पर उन्होंने सोहर गीत को स्वर देकर मातृत्व और संस्कारों का संदेश भी दिया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।