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वाराणसी में पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत, पहले दिन 2.85 लाख बच्चों को पिलाई गई पोलियो ड्रॉप

 
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​​​वाराणसी: जिले में रविवार को पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। कंपोजिट विद्यालय शिवपुर में आयोजित कार्यक्रम में राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुकेश कुमार ने बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान की शुरुआत की।

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि अभियान के पहले दिन जिले के 1,805 बूथों पर कुल 2,85,356 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। इनमें शहरी क्षेत्र के 706 बूथों पर 80,135 और ग्रामीण क्षेत्र के 1,099 बूथों पर 2,05,221 बच्चों का टीकाकरण किया गया।

उन्होंने बताया कि सोमवार से स्वास्थ्य विभाग की टीमें, आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ घर-घर जाकर जन्म से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दवा पिलाएंगी। अभियान के दौरान यदि कोई बच्चा छूट जाता है तो उसे 6 जुलाई को विशेष अभियान के तहत पोलियो की खुराक दी जाएगी।

सीएमओ ने बताया कि इस अभियान के तहत जिले में 5,44,106 बच्चों को पोलियो की अतिरिक्त खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं। साथ ही नियमित टीकाकरण के सभी टीके भी समय पर लगवाएं। उन्होंने कहा कि पोलियो की वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी है।

राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अजय गुप्ता ने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए प्रत्येक पल्स पोलियो अभियान में सभी बच्चों तक पहुंचना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से से पोलियो वायरस आने की आशंका बनी रहती है, इसलिए हर अभियान में जन्म से पांच वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की अतिरिक्त खुराक अवश्य दी जानी चाहिए, भले ही उसे नियमित टीकाकरण की सभी खुराकें पहले ही मिल चुकी हों।

उन्होंने अभिभावकों से स्वास्थ्य विभाग की टीम का सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। यही सतर्कता भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एस.एस. कनौजिया ने बताया कि रविवार को स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक विद्यालयों और कंपोजिट स्कूलों में विशेष बूथ बनाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। उन्होंने बताया कि पोलियो की खुराक जन्म के समय, छह, दस और चौदह सप्ताह पर दी जाती है, जबकि इसकी बूस्टर डोज 16 से 24 महीने की आयु में लगाई जाती है।

कार्यक्रम में डिप्टी डीआईओ डॉ. नवीन सिंह, डब्ल्यूएचओ के डॉ. महेंद्र, जेएसआई के प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. शाहिद समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।