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BHU में पूर्वांचल की पहली पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी यूनिट, बच्चों को अब नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली

 
 BHU में पूर्वांचल की पहली पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी यूनिट, बच्चों को अब नहीं जाना पड़ेगा दिल्ली
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वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल में दिल की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों के इलाज के लिए बड़ी सुविधा शुरू होने जा रही है। अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी भवन के पांचवें तल पर पूर्वांचल की पहली पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी यूनिट स्थापित की जा रही है। छह से आठ बेड की इस विशेष यूनिट के शुरू होने के बाद हृदय संबंधी गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए दिल्ली या अन्य बड़े शहरों में रेफर करने की जरूरत काफी हद तक कम हो जाएगी।

प्रस्ताव को प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद यूनिट के लिए स्थान चिह्नित कर लिया गया है। मानकों के अनुरूप निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस परियोजना की जिम्मेदारी विशेषज्ञ चिकित्सक डा. प्रतिभा राय को सौंपी गई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार आगामी चार से पांच महीनों में यूनिट पूरी तरह क्रियाशील हो सकती है।

यूनिट में बच्चों के लिए विशेष आईसीयू, वेंटिलेटर और अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे पूर्वांचल के साथ आसपास के राज्यों से आने वाले गंभीर हृदय रोग से पीड़ित बच्चों को बेहतर उपचार स्थानीय स्तर पर मिल सकेगा।

इमरजेंसी सेवाओं का भी विस्तार

सर सुंदरलाल अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए इमरजेंसी सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। आपातकालीन विभाग में डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की संख्या बढ़ाई गई है। मरीजों की अधिक भीड़ को देखते हुए सोमवार से अतिरिक्त स्ट्रेचर की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि इमरजेंसी में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना न करना पड़े।

जननी सुरक्षा योजना में भी बेहतर प्रदर्शन

अस्पताल ने जननी सुरक्षा योजना के क्रियान्वयन में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। सर सुंदरलाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. पुनीत के अनुसार अब 90 प्रतिशत से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जा चुका है। लाभार्थियों के बैंक खातों को समय पर लिंक किए जाने से सहायता राशि के भुगतान में भी तेजी आई है।

पिछले चार महीनों में अस्पताल में करीब 1,500 प्रसव कराए गए हैं। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 12 से 14 डिलीवरी हो रही हैं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए लगातार सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।