PWD ठेकेदार ने बिना अनुमति खोदी सड़क, लगा भीषण जाम; वाराणसी पुलिस ने की FIR
वाराणसी। लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में पांडेयपुर-सारनाथ मार्ग पर बिना अनुमति सड़क की खुदाई करना PWD के ठेकेदार को भारी पड़ गया। काली मंदिर के सामने सड़क खोदने के कारण मार्ग पर दिनभर लंबा जाम लगा रहा। जाम में कई वाहन फंस गए, वहीं एंबुलेंस के भी फंसने की सूचना मिली। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने यातायात को सामान्य कराया।
मामले में पहाड़िया चौकी प्रभारी कृष्ण कुमार सरोज की तहरीर पर पुलिस ने PWD ठेकेदार अखंड कुमार यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा 3 के साथ BNS की धारा 285 और 326B समेत अन्य धाराओं में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जाम की सूचना पर मौके पर पहुंचे चौकी प्रभारी
चौकी प्रभारी कृष्ण कुमार सरोज के मुताबिक, वह रोज की तरह फैंटम के साथ क्षेत्र में निरीक्षण कर रहे थे। इसी दौरान सूचना मिली कि पांडेयपुर चौराहे से सारनाथ की ओर जाने वाले मार्ग पर काफी जाम लगा हुआ है।
सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे। वहां देखा कि काली मंदिर के सामने राजकीय संपत्ति यानी सड़क को बिना किसी पूर्व सूचना के खोद दिया गया था। सड़क पर खुदाई होने के कारण वाहनों को निकलने में परेशानी हो रही थी और देखते ही देखते लंबा जाम लग गया था। इस जाम में कई एंबुलेंस भी फंस गई थीं।
बिना सक्षम अनुमति के कर दी गई खुदाई
पुलिस के अनुसार, मौके पर जानकारी जुटाने पर पता चला कि PWD के ठेकेदार अखंड कुमार यादव ने सड़क की खुदाई कराई थी। आरोप है कि इसके लिए संबंधित सक्षम अधिकारी से अनुमति नहीं ली गई थी।
जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद यातायात को सुचारू कराया। इसके बाद चौकी प्रभारी ने ठेकेदार से सड़क खोदने को लेकर जानकारी मांगी। पुलिस का कहना है कि ठेकेदार की ओर से खुदाई के लिए अनुमति के संबंध में स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद चौकी प्रभारी ने मामले की तहरीर लालपुर-पांडेयपुर थाने में दी।
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप
चौकी प्रभारी की तहरीर के आधार पर लालपुर-पांडेयपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने BNS की धारा 285 और 326B के साथ सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धारा 3 में ठेकेदार को नामजद किया है।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। सड़क की खुदाई किस काम के लिए कराई गई थी और इसके लिए किसी स्तर पर अनुमति ली गई थी या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
