भगवान श्रीराम पर टिप्पणी का मामला: राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी कोर्ट में 17 नवंबर को अगली सुनवाई
वाराणसी की एमपी-एमएलए अदालत में भगवान श्रीराम पर कथित टिप्पणी के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ लंबित प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। वादी हरिशंकर पांडेय ने राहुल गांधी के वकीलों की अर्जी पर आपत्ति जताई। अदालत ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की है।
वाराणसी। अमेरिका के बोस्टन स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान श्रीराम को लेकर कथित अमर्यादित टिप्पणी के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ लंबित प्रार्थना पत्र पर शुक्रवार को वाराणसी की अदालत में सुनवाई हुई। एसीजेएम चतुर्थ (एमपी-एमएलए) नीरज कुमार त्रिपाठी की अदालत ने मामले में वादी की आपत्ति पर अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की है।
राहुल गांधी के वकीलों की अर्जी पर वादी ने जताई आपत्ति
पिछली सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से अधिकृत अधिवक्ता श्रीनाथ त्रिपाठी और अनुज यादव ने अदालत में वकालतनामा दाखिल करने के साथ एक प्रार्थना पत्र भी प्रस्तुत किया था। इस पर वादी हरिशंकर पांडेय ने आपत्ति जताई।
हरिशंकर पांडेय की दलील थी कि जब अदालत ने राहुल गांधी को उपस्थित होने के लिए कोई आदेश जारी नहीं किया है, तो उनके अधिवक्ताओं ने अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए समय मांगने का प्रार्थना पत्र किस आधार पर दिया है।
वादी ने अपनी दलीलों के समर्थन में हाईकोर्ट के विभिन्न फैसलों की नजीर भी अदालत के समक्ष पेश की। इसके बाद अदालत ने विपक्षी पक्ष को अवसर देते हुए आपत्ति पर आगे की सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख निर्धारित कर दी।
12 मई 2025 को दाखिल की गई थी अर्जी
प्रकरण के अनुसार, अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने 12 मई 2025 को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ यानी एमपी-एमएलए अदालत में अर्जी दाखिल की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 21 अप्रैल 2025 को अमेरिका के बोस्टन स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान श्रीराम को लेकर विवादित बयान दिया था।
इसी मामले में राहुल गांधी के खिलाफ दाखिल प्रार्थना पत्र पर अदालत में सुनवाई चल रही है। फिलहाल, वादी की आपत्ति पर अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।
