वाराणसी में महिला आरक्षण को लेकर सड़क पर उतरी महिलाएं, फूंका राहुल गांधी का पुतला
वाराणसी में महिला आरक्षण बिल को लेकर महिलाओं ने विरोध मार्च निकाला। सुभाष मंदिर से लमही तक हुए इस प्रदर्शन में महिलाओं ने किचन हड़ताल की चेतावनी दी और राहुल गांधी का पुतला फूंका। महिलाओं ने कहा कि उनके अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।
वाराणसी: महिला आरक्षण विधेयक को लेकर देश की राजनीति गरमाई हुई है। इसी बीच वाराणसी में महिलाओं का गुस्सा सड़कों पर देखने को मिला। महिला परिषद के नेतृत्व में सुभाष मंदिर से मुंशी प्रेमचंद स्मृति द्वार, लमही तक विरोध मार्च निकाला गया।
मार्च में शामिल महिलाओं ने हाथों में पोस्टर लेकर नारेबाजी की। कई पोस्टरों पर लिखा था- महिला आरक्षण नहीं मिलेगा तो रोटी-पानी बंद।”महिलाओं ने चेतावनी दी कि अगर उनके परिवार के लोग महिला विरोधी नेताओं का समर्थन करेंगे तो वे घर में “किचन हड़ताल” करेंगी। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने राहुल गांधी का पुतला भी फूंका और उनसे इस्तीफे की मांग की।
महिला परिषद की अगुवाई कर रहीं बीएचयू की प्रोफेसर डॉ. मृदुला जायसवाल ने कहा कि संसद में महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंची है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अब चुप नहीं बैठेंगी और अपने अधिकार के लिए आवाज उठाती रहेंगी।
वहीं, डॉ. अर्चना भारतवंशी ने कहा कि महिला आरक्षण केवल 33% का हक है, कोई एहसान नहीं। अगर इसे भी रोका गया तो महिलाएं हर स्तर पर विरोध करेंगी।
महिला परिषद की उपाध्यक्ष डॉ. नजमा परवीन ने कहा कि जो दल महिला आरक्षण का विरोध कर रहे हैं, वे नहीं चाहते कि आम महिलाएं राजनीति में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं अपने अधिकार के लिए घर-घर जाकर जागरूकता फैलाएंगी।
प्रदर्शन में पूनम श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। सभी ने एक स्वर में कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से समझौता नहीं किया जाएगा।
