राजघाट पुल मरम्मत पर फिर ब्रेक! नहीं लागू हुआ डायवर्जन, पहले की तरह जारी रहेगी वाहनों की आवाजाही
Updated: Jun 15, 2026, 10:37 IST
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वाराणसी। राजघाट पुल पर रविवार रात 10 बजे से लागू होने वाली 60 दिनों की नाइट नो-एंट्री फिलहाल टाल दी गई है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा पुल पर ड्रेनेज स्पाउट और एक्सपेंशन ज्वाइंट बदलने का कार्य प्रस्तावित था, जिसके चलते 14 जून से 13 अगस्त तक प्रतिदिन रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पुल को बंद करने की योजना बनाई गई थी। हालांकि अंतिम समय में यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी और वाहनों की आवाजाही पूर्व की तरह जारी रखने का निर्णय लिया गया।
मरम्मत कार्य को लेकर पीडब्ल्यूडी और रेलवे अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकें हुई थीं। इसके आधार पर यातायात विभाग ने विस्तृत डायवर्जन प्लान भी तैयार कर लिया था, लेकिन फिलहाल इसे वापस ले लिया गया है। अब राजघाट पुल से वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रहेगी।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार पुल पर लगे ड्रेनेज स्पाउट काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं, जिससे बारिश का पानी पुल पर जमा हो जाता है। लगभग 20 वर्ष बाद इन उपकरणों को बदला जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट की भी मरम्मत की जानी है, ताकि संरचना सुरक्षित बनी रहे।
अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर में भी इस कार्य के लिए ब्लॉक लिया गया था, लेकिन रेलवे की आपत्तियों के कारण काम बीच में रोकना पड़ा था। उस दौरान 71 ड्रेनेज स्पाउट और एक्सपेंशन ज्वाइंट में से केवल चार को ही बदला जा सका था।
दरअसल, मालवीय पुल (डफरिन ब्रिज) के नीचे से नई दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग गुजरता है। पिछली मरम्मत के दौरान एक ड्रेनेज स्पाउट का हिस्सा रेलवे ट्रैक के पास गिर गया था, जिसके बाद रेलवे ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कार्य रोक दिया था। रेलवे का कहना था कि पुल के नीचे हाईटेंशन तार और व्यस्त रेल यातायात होने के कारण किसी भी प्रकार का मलबा गिरना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
उधर, ट्रैफिक विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि मरम्मत कार्य स्थगित होने के चलते तैयार किया गया डायवर्जन प्लान भी फिलहाल रद्द कर दिया गया है। ऐसे में पड़ाव, राजघाट, रामनगर और सामनेघाट मार्गों पर यातायात पूर्ववत संचालित होगा।
अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुल की आवश्यक मरम्मत कब शुरू होगी और इसके लिए नई तिथि कब घोषित की जाएगी।
मरम्मत कार्य को लेकर पीडब्ल्यूडी और रेलवे अधिकारियों के बीच कई दौर की बैठकें हुई थीं। इसके आधार पर यातायात विभाग ने विस्तृत डायवर्जन प्लान भी तैयार कर लिया था, लेकिन फिलहाल इसे वापस ले लिया गया है। अब राजघाट पुल से वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रहेगी।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार पुल पर लगे ड्रेनेज स्पाउट काफी पुराने और जर्जर हो चुके हैं, जिससे बारिश का पानी पुल पर जमा हो जाता है। लगभग 20 वर्ष बाद इन उपकरणों को बदला जाना प्रस्तावित है। इसके साथ ही पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट की भी मरम्मत की जानी है, ताकि संरचना सुरक्षित बनी रहे।
अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर में भी इस कार्य के लिए ब्लॉक लिया गया था, लेकिन रेलवे की आपत्तियों के कारण काम बीच में रोकना पड़ा था। उस दौरान 71 ड्रेनेज स्पाउट और एक्सपेंशन ज्वाइंट में से केवल चार को ही बदला जा सका था।
दरअसल, मालवीय पुल (डफरिन ब्रिज) के नीचे से नई दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग गुजरता है। पिछली मरम्मत के दौरान एक ड्रेनेज स्पाउट का हिस्सा रेलवे ट्रैक के पास गिर गया था, जिसके बाद रेलवे ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कार्य रोक दिया था। रेलवे का कहना था कि पुल के नीचे हाईटेंशन तार और व्यस्त रेल यातायात होने के कारण किसी भी प्रकार का मलबा गिरना गंभीर खतरा पैदा कर सकता है।
उधर, ट्रैफिक विभाग ने भी स्पष्ट किया है कि मरम्मत कार्य स्थगित होने के चलते तैयार किया गया डायवर्जन प्लान भी फिलहाल रद्द कर दिया गया है। ऐसे में पड़ाव, राजघाट, रामनगर और सामनेघाट मार्गों पर यातायात पूर्ववत संचालित होगा।
अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुल की आवश्यक मरम्मत कब शुरू होगी और इसके लिए नई तिथि कब घोषित की जाएगी।
