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रंगभरी एकादशी को लेकर वाराणसी पुलिस अलर्ट: मंदिर से घाट तक 3-लेयर सिक्योरिटी, ड्रोन से होगी निगरानी

वाराणसी में रंगभरी एकादशी को लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। त्रिस्तरीय सुरक्षा, ड्रोन निगरानी, नो-व्हीकल जोन, बैरिकेडिंग, सहायता डेस्क और शटल सेवा की व्यवस्था रहेगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सुगम दर्शन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।

 
रंगभरी एकादशी
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वाराणसी: आगामी रंगभरी एकादशी पर्व को लेकर काशी विश्वनाथ मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा, ड्रोन निगरानी और सख्त प्रवेश जांच की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय (डीआईजी) शिवहरी मीणा ने संपूर्ण यात्रा मार्ग, मंदिर परिसर, घाटों और संवेदनशील स्थलों का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान भीड़ प्रबंधन, प्रवेश-निकास व्यवस्था, बैरिकेडिंग, सीसीटीवी कवरेज, ड्यूटी प्वाइंट, अग्नि सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों की गहन समीक्षा की गई।

मंदिर परिसर में त्रिस्तरीय सुरक्षा और एंटी-सबोटाज जांच

निरीक्षण के बाद पिनाक भवन में पुलिस, मंदिर प्रशासन और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर परिसर की सुरक्षा के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा लागू करने के निर्देश दिए गए।

साथ ही प्रत्येक प्रवेश द्वार पर एंटी-सबोटाज जांच, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और बैगेज स्कैनिंग अनिवार्य की गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोका जा सके।

श्रद्धालुओं के लिए बैरिकेडिंग, होल्डिंग एरिया 

भीड़ नियंत्रण के लिए चरणबद्ध बैरिकेडिंग, होल्डिंग एरिया और पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। महिला, वृद्ध और दिव्यांग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष सहायता डेस्क भी बनाए जाएंगे।
प्रमुख स्थलों पर चिकित्सा शिविर, एंबुलेंस और अग्निशमन दल की तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

नो-व्हीकल जोन लागू, शटल सेवा से होगी आवाजाही

रंगभरी एकादशी के दौरान पूर्व निर्धारित डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। नो-व्हीकल जोन में निजी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
बाहरी वाहनों के लिए अस्थायी पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे और वहां से श्रद्धालुओं को शटल सेवा के माध्यम से मंदिर क्षेत्र तक पहुंचाया जाएगा।

ड्रोन और सोशल मीडिया से होगी चौबीसों घंटे निगरानी

पूरे क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से 24 घंटे निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय कर अफवाहों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा ने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। बैठक में पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव बंसवाल, सहायक पुलिस आयुक्त डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी सहित पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।