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वाराणसी में निपुण परीक्षा के नतीजे चिंताजनक: 7402 में से सिर्फ 1201 विद्यालय ही हुए निपुण, जौनपुर का प्रदर्शन सबसे खराब
 

 
वाराणसी में निपुण परीक्षा के नतीजे चिंताजनक: 7402 में से सिर्फ 1201 विद्यालय ही हुए निपुण, जौनपुर का प्रदर्शन सबसे खराब
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वाराणसी I वाराणसी मंडल के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे बच्चों को निपुण बनाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर रही है। हाल ही में आयोजित निपुण परीक्षा के परिणाम बताते हैं कि अभी भी बड़ी संख्या में बच्चे बुनियादी शिक्षा के स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं।

27 जनवरी से 14 फरवरी तक आयोजित निपुण परीक्षा में वाराणसी मंडल के 7402 विद्यालयों में से 6144 विद्यालयों के बच्चों ने ही भाग लिया। इनमें से मात्र 19.55 प्रतिशत यानी 1201 विद्यालयों के बच्चे ही परीक्षा में सफल हो सके। यह आंकड़ा शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन गया है।

वाराणसी मंडल के वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली जिलों के परिषदीय विद्यालयों में कुल 7,73,585 बच्चे नामांकित हैं। निपुण अभियान की स्थिति जानने के लिए हाल ही में की गई पड़ताल में बच्चों की शैक्षिक स्थिति काफी कमजोर पाई गई। कई बच्चों को न तो पहाड़े याद थे और न ही उन्हें देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम पता था। यहां तक कि कक्षा 7 के कुछ छात्र पांच फूलों के नाम तक नहीं बता सके।

हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से निपुण अभियान से जुड़े आंकड़े उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कई विद्यालयों में अभी भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं पहुंच पा रही है।

जौनपुर का प्रदर्शन सबसे खराब

जारी परिणामों के अनुसार वाराणसी मंडल में सबसे खराब स्थिति जौनपुर जिले की रही। यहां से सबसे अधिक 2345 विद्यालयों ने परीक्षा में भाग लिया था, लेकिन इनमें से केवल 243 विद्यालय ही निपुण घोषित हो सके। वहीं वाराणसी जिले का प्रदर्शन भी संतोषजनक नहीं रहा। यहां 981 विद्यालयों में से केवल 139 विद्यालय ही निपुण हो पाए।

पहले टॉप जिलों में था वाराणसी

गौरतलब है कि अक्तूबर 2025 में जारी परिणामों में वाराणसी का प्रदर्शन काफी बेहतर था। उस समय 82.62 प्रतिशत बच्चों के निपुण होने के साथ वाराणसी प्रदेश के टॉप-5 जिलों में चौथे स्थान पर रहा था। वहीं 84.31 प्रतिशत के साथ कन्नौज पहले, 83.26 प्रतिशत के साथ महाराजगंज दूसरे और 83.03 प्रतिशत के साथ बिजनौर तीसरे स्थान पर रहे थे। 81.89 प्रतिशत के साथ अंबेडकर नगर पांचवें स्थान पर था।

अधिकारियों ने सुधार का दिया भरोसा

वाराणसी मंडल के एडी बेसिक हेमंत राव ने कहा कि निपुण लक्ष्य को हासिल करने के लिए इस बार योजनाबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। बच्चों को श्रेणीवार विभाजित कर उनके स्तर के अनुसार पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों को शत-प्रतिशत निपुण बनाने के लिए सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे।