वाराणसी में राम मंदिर चंदा मामले पर संजय सिंह का बड़ा हमला, बोले- BJP महमूद गजनवी का मॉडल अपना रही...
वाराणसी। आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को वाराणसी सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता के दौरान केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा और निर्माण संबंधी मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
'राम मंदिर में तीन तरह की चोरी हुई'
संजय सिंह ने दावा किया कि राम मंदिर से जुड़े मामले में केवल चंदे की ही नहीं, बल्कि तीन स्तरों पर कथित अनियमितताएं हुई हैं। उनके अनुसार पहली कथित गड़बड़ी जमीन खरीद में, दूसरी निर्माण कार्य में और तीसरी चंदे के प्रबंधन में हुई। उन्होंने कहा कि यदि जांच हो रही है तो इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार "महमूद गजनवी का मॉडल" अपना रही है। यह उनका राजनीतिक आरोप है।
सोनम वांगचुक को हटाने पर भी उठाए सवाल
संजय सिंह ने जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने की कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें जबरन धरना स्थल से हटाया।
उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे मुद्दों पर आगे आकर आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी 20 जुलाई को प्रदेशभर में बिना बैनर के शांतिपूर्ण समर्थन कार्यक्रम आयोजित करेगी।
जौहर विश्वविद्यालय पर सरकार को घेरा
सपा नेता आज़म खान द्वारा स्थापित जौहर विश्वविद्यालय को लेकर भी संजय सिंह ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान को तोड़ने के बजाय यदि कोई कानूनी या तकनीकी समस्या है तो उसका समाधान निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रही है। साथ ही प्रदेश में सरकारी स्कूलों की स्थिति, बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा संबंधी मुद्दों पर भी सवाल उठाए।
हनुमानगढ़ी विवाद पर भी बोले
हनुमानगढ़ी में नमाज को लेकर चल रहे विवाद पर संजय सिंह ने कहा कि यदि सरकार के पास इस संबंध में कोई प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ऐसे दावे किए जाते हैं तो उनके समर्थन में साक्ष्य भी पेश किए जाने चाहिए।
SIT जांच की दोहराई मांग
प्रेसवार्ता के अंत में संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले भी राम मंदिर से जुड़े मामलों में कई दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध कराए थे। उनका कहना है कि यदि SIT जांच हो रही है तो उसे निष्पक्ष, व्यापक और सभी आरोपों की जांच करनी चाहिए।
