Movie prime

20 साल से सरकारी रिकॉर्ड में मृत, अब चुनाव लड़ेंगे संतोष मूरत सिंह, शिवपुर से मिला टिकट
 

 
 20 साल से सरकारी रिकॉर्ड में मृत, अब चुनाव लड़ेंगे संतोष मूरत सिंह, शिवपुर से मिला टिकट
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच वाराणसी की शिवपुर विधानसभा सीट से एक अनोखी राजनीतिक घोषणा सामने आई है। आजाद अधिकार सेना ने संतोष मूरत सिंह को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। खास बात यह है कि संतोष मूरत सिंह पिछले करीब दो दशकों से सरकारी दस्तावेजों में ‘मृत’ दर्ज हैं, जबकि वह खुद को जीवित साबित करने के लिए लंबे समय से सरकारी दफ्तरों और अदालतों के चक्कर लगा रहे हैं।

पार्टी का कहना है कि संतोष का मामला सरकारी व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करता है। एक जीवित व्यक्ति को रिकॉर्ड में मृत घोषित किए जाने के बाद उन्हें अपनी पहचान और अस्तित्व साबित करने के लिए वर्षों तक संघर्ष करना पड़ा। इसी संघर्ष को राजनीतिक आवाज देने के उद्देश्य से पार्टी ने उन्हें शिवपुर से प्रत्याशी बनाया है।

सरकारी रिकॉर्ड में मृत, खुद को जिंदा साबित करने की लड़ाई

संतोष मूरत सिंह के मुताबिक, वह करीब दो दशक से सरकारी रिकॉर्ड में खुद को जीवित दर्ज कराने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने लखनऊ, दिल्ली समेत कई शहरों में अधिकारियों और संबंधित संस्थाओं के सामने अपनी शिकायत रखी।

उनका दावा है कि कई बार अधिकारियों और बड़े नेताओं की ओर से उन्हें सरकारी दस्तावेजों में दोबारा जीवित दर्ज कराने का आश्वासन भी मिला, लेकिन इसके बावजूद रिकॉर्ड में उनकी स्थिति नहीं बदली।

नाना पाटेकर के यहां काम करने का दावा

संतोष मूरत सिंह का कहना है कि वह मुंबई में अभिनेता नाना पाटेकर के यहां काम करते थे। इसी दौरान उन्हें सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद उनके रिश्तेदारों पर उनकी जमीन पर कब्जा करने का आरोप भी उन्होंने लगाया।

संतोष के अनुसार, इसी घटना के बाद से उनकी जिंदगी का बड़ा हिस्सा सरकारी रिकॉर्ड में खुद को ‘जिंदा’ साबित करने की कोशिश में बीत रहा है।

गले में तख्ती लेकर देते हैं संदेश—‘मैं जिंदा हूं’

वाराणसी कचहरी और आसपास के इलाकों में संतोष मूरत सिंह अक्सर गले में एक तख्ती लगाए नजर आते हैं। इस पर लिखा रहता है— ‘मैं जिंदा हूं।’

यह तख्ती उनके संघर्ष की पहचान बन चुकी है। वह इसी के जरिए लोगों और प्रशासन का ध्यान अपनी समस्या की ओर आकर्षित करते रहे हैं।

पहले भी चुनाव लड़ने की इच्छा जता चुके हैं

संतोष मूरत सिंह पहले भी चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। अब आजाद अधिकार सेना ने उन्हें शिवपुर विधानसभा सीट से आधिकारिक प्रत्याशी घोषित कर दिया है। उनकी उम्मीदवारी के बाद 2027 विधानसभा चुनाव से पहले वाराणसी की राजनीति में इस मामले को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

‘कागजों में मृत’ लोगों का मामला पहले भी चर्चा में रहा

सरकारी रिकॉर्ड में जीवित लोगों को मृत दर्ज किए जाने के मामले देश के अलग-अलग हिस्सों से सामने आते रहे हैं। ऐसे लोगों को सरकारी दस्तावेजों में अपनी पहचान और अस्तित्व साबित करने के लिए लंबे कानूनी और प्रशासनिक संघर्ष से गुजरना पड़ता है। इसी तरह के मामलों से प्रेरित कहानियां फिल्मों और ओटीटी माध्यमों में भी दिखाई जा चुकी हैं।