18 साल की उम्र में सेमीकंडक्टर बिजनेस! गुजरात में ₹80 करोड़ की फैक्ट्री लगाएगा युवा उद्यमी
नई दिल्ली: जिस उम्र में ज्यादातर युवा पढ़ाई और करियर की दिशा तय कर रहे होते हैं, उसी उम्र में अहमदाबाद के रेहान मंसूरी ने सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में कदम रखा है। उनकी कंपनी Micronex गुजरात के साणंद में करीब ₹80 करोड़ के शुरुआती निवेश से लीड-फ्रेम बनाने की फैक्ट्री तैयार कर रही है। निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और मई 2027 तक उत्पादन शुरू करने की योजना है।
18 साल के रेहान का सेमीकंडक्टर स्टार्टअप
रेहान मंसूरी ने Micronex के जरिए सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में इस्तेमाल होने वाले एक अहम कंपोनेंट के निर्माण का लक्ष्य रखा है। कंपनी गुजरात के साणंद में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है। शुरुआती चरण में प्रोजेक्ट में करीब 80 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।
कंपनी की योजना मई 2027 तक उत्पादन शुरू करने की है। पहले चरण में फैक्ट्री से हर साल करीब 50 करोड़ लीड-फ्रेम यूनिट बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यूनिट शुरू होने के बाद करीब 250 लोगों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद है।
क्या होता है Lead Frame?
Lead frame सेमीकंडक्टर चिप की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला एक पतला धातु का ढांचा होता है। यह चिप को अपनी जगह पर पकड़ने के साथ उसके इलेक्ट्रिकल कनेक्शन को बाहरी सर्किट से जोड़ने में मदद करता है।
Micronex की योजना कॉपर-अलॉय से बने लीड फ्रेम तैयार करने की है। इनकी मोटाई 0.1 मिलीमीटर से 0.25 मिलीमीटर के बीच होगी। शुरुआत में कंपनी अपने उत्पादों को पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए तैयार करेगी। इसके बाद कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम क्षेत्र में विस्तार की योजना है।
भारत में ही कंपोनेंट बनाने पर जोर
रेहान के मुताबिक, कंपनी की शुरुआत के पीछे भारत की सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में मौजूद एक कमी को दूर करने का विचार है। अभी ऐसे कंपोनेंट के लिए आयात पर निर्भरता रहती है। स्थानीय स्तर पर उत्पादन होने से चिप निर्माता कंपनियों के साथ टूलिंग, सैंपल और डिजाइन में बदलाव जैसे काम तेजी से किए जा सकेंगे और आयात में लगने वाला समय भी कम होगा।
Kaynes Semicon के साथ हुआ MoU
Micronex ने हाल ही में Semicon India 2026 के दौरान Kaynes Semicon के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे Micronex को भविष्य में सेमीकंडक्टर निर्माताओं को अपने कंपोनेंट सप्लाई करने का अवसर मिल सकता है।
कंपनी India Semiconductor Mission 2.0 के तहत भी आवेदन करने की तैयारी कर रही है।
परिवार के कारोबार से मिली शुरुआती समझ
रेहान ऐसे कारोबारी परिवार से आते हैं, जिसका कारोबार प्लास्टिक वेस्ट रीसाइक्लिंग से जुड़ा है। इसी वजह से उन्हें कम उम्र से ही मैन्युफैक्चरिंग और कारोबार के माहौल को करीब से समझने का मौका मिला। अब उन्होंने इसी अनुभव को सेमीकंडक्टर जैसे हाई-टेक क्षेत्र में इस्तेमाल करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
गुजरात में सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है और साणंद इस क्षेत्र के प्रमुख केंद्रों में शामिल हो रहा है। ऐसे माहौल में 18 वर्षीय उद्यमी का सेमीकंडक्टर कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग में उतरना खासा ध्यान खींच रहा है।10:13 PM
