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गंगा इफ्तार केस में पैरवी करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता को मिली जान से मारने की धमकी, कैंट थाने में मुकदमा दर्ज 

वाराणसी में गंगा इफ्तार केस में पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी को कोर्ट परिसर में अज्ञात लोगों ने जान से मारने की धमकी दी। कैंट थाने में केस दर्ज, पुलिस जांच में जुटी। घटना ने कानून व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

 
गंगा इफ्तार केस
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वाराणसी: गंगा में इफ्तार पार्टी से जुड़े संवेदनशील मामले में पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी को कोर्ट परिसर में जान से मारने की धमकी मिल रही है। इस मामले में कैंट थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी, जो बनारस बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष भी हैं, ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि 19 मार्च की शाम करीब 7:30 बजे वह अदालत में बहस के बाद न्यायालय परिसर से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने परिसर में मौजूद 5-6 संदिग्ध व्यक्तियों को आपस में बातचीत करते सुना।

तहरीर के अनुसार, वे लोग कथित रूप से कह रहे थे कि- रजत जायसवाल ने हमारे लड़कों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, उसे मार देना जरूरी है।

जब अधिवक्ता ने इस पर आपत्ति जताई, तो उन व्यक्तियों ने उनकी ओर इशारा करते हुए कहा कि- यह वकील भी हमारे खिलाफ बहस कर रहा था, इसे भी छोड़ना नहीं है।

स्थिति को भांपते हुए अधिवक्ता ने विरोध किया, लेकिन मौके पर मौजूद भीड़ और अंधेरे का फायदा उठाकर सभी संदिग्ध व्यक्ति फरार हो गए। इस दौरान वहां मौजूद कुछ पुलिसकर्मी और अन्य अधिवक्ताओं ने भी घटना को देखा।

घटना के बाद संदिग्धों की तलाश की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। अधिवक्ता के अनुसार, आरोपितों की बोली और हाव-भाव से यह प्रतीत हो रहा था कि वे स्थानीय नहीं थे, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

शशांक शेखर त्रिपाठी ने बताया कि उन्होंने इस मामले में केवल अपने पेशेवर कर्तव्य का पालन करते हुए पुलिस रिमांड का समर्थन किया था। यह मामला धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है, जिसमें गंगा में इफ्तार पार्टी आयोजित करने के आरोप में भाजपा युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया था।

उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर जैसे सुरक्षित स्थान पर इस तरह की जान से मारने की धमकी और आपराधिक षड्यंत्र कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरे का संकेत है। फिलहाल, कैंट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए जांच तेज कर दी है।