BHU के एनेस्थीसिया प्रोफेसर पर गंभीर आरोप, कुलपति से उच्चस्तरीय जांच और आपराधिक कार्रवाई की मांग
Varanasi : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के एनेस्थीसिया विभाग के प्रोफेसर डॉ. विक्रम गुप्ता के विरुद्ध गंभीर आरोपों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है। अधिवक्ता संतोष कुमार त्रिपाठी ने कुलपति को शिकायत-पत्र सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराने का अनुरोध किया है।
शिकायत-पत्र में प्रोफेसर पर सरकारी पद के कथित दुरुपयोग, मरीजों को निजी अस्पताल भेजने, अवैध धन वसूली, आयुष्मान भारत योजना में कथित अनियमितताओं तथा चिकित्सकीय लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
अधिवक्ता ने कुलपति से मांग की है कि मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की जाए। साथ ही यदि जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं, तो प्रकरण को पुलिस एवं अन्य सक्षम जांच एजेंसियों को भेजकर आवश्यक आपराधिक और विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
अधिवक्ता ने बताया कि शिकायत की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC), शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI), राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA), उत्तर प्रदेश सरकार तथा अन्य संबंधित अधिकारियों को भी कार्रवाई के लिए भेजी गई है।


