देह व्यापार मामले पर शालिनी यादव का जवाब, जिस फ्लैट की बात हो रही है, न मैं कभी मालकिन थी, न मालकिन हूँ
वाराणसी। भाजपा की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व राज्यसभा सभापति स्व. वीरेंद्र सिंह यादव की पुत्रवधु शालिनी यादव ने बृहस्पतिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने ऊपर लगाए जा रहे देह व्यापार रैकेट के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि जिस फ्लैट को लेकर विवाद है, उसकी मैं न तो कभी मालकिन रही और न ही सह-मालकिन हूँ। मेरे खिलाफ सोशल मीडिया पर जानबूझकर झूठी और तोड़-मरोड़ कर खबरें फैलाई जा रही हैं ताकि मेरी छवि धूमिल की जाए।
शालिनी यादव ने कहा कि पिछले दो दिनों से मेरे नाम से जुड़े फ्लैट में देह व्यापार पकड़े जाने और 13 लोगों की गिरफ्तारी की झूठी खबरें वायरल की जा रही हैं। जबकि सच यह है कि उक्त फ्लैट का मालिकाना हक कभी मेरा नहीं रहा। पुलिस की रिपोर्ट में भी सिर्फ तीन लड़कियों को पूछताछ के लिए ले जाने और बाद में छोड़ देने की बात है, 13 लोगों की गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं है।”
उन्होंने विपक्षी दलों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह एक सोची-समझी साजिश है जिसमें विपक्ष के राष्ट्रीय स्तर के नेता, कार्यकर्ता और फेक आईडी से चलने वाले ट्रोल शामिल हैं। शालिनी ने चेतावनी दी कि उनके लीगल सहयोगी सभी झूठी पोस्ट और समाचारों का अध्ययन कर रहे हैं और मानहानि सहित IPC की संबंधित धाराओं में मुकदमा दायर किया जाएगा।
वहीं शालिनी यादव के पति अरुण यादव ने अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर स्पष्ट किया कि शक्ति-शिखा अपार्टमेंट, सिगरा स्थित फ्लैट नंबर-112 वर्ष 1996 से उनके एकमात्र स्वामित्व में है। बिजली, पानी और नगर निगम का कर भी उनके नाम पर ही है। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से यह फ्लैट अश्वनी त्रिपाठी (चंदौली निवासी) को नोटरीकृत किराया एग्रीमेंट के जरिए किराए पर दिया गया है।
अरुण यादव ने कहा कि 2 दिसंबर को पुलिस ने मेलोडी स्पा और हमारे किराए के फ्लैट पर छापा मारा था। मेलोडी स्पा से 10 लोगों को पकड़ा गया, जबकि हमारे फ्लैट से सिर्फ तीन महिलाओं को पूछताछ के लिए ले जाया गया और सिगरा थाने से छोड़ भी दिया गया। एफआईआर में भी मेरा या फ्लैट मालिक का कोई जिक्र नहीं है। फिर भी सोशल मीडिया पर 13 लोगों की गिरफ्तारी मेरे फ्लैट से बताकर दुष्प्रचार किया जा रहा है।”
