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वाराणसी: शरद पूर्णिमा पर श्वेत वस्त्रों में दर्शन देंगे भगवान बिंदु माधव, चढ़ेगा खीर-माखन का महाभोग

वाराणसी के पंचगंगा घाट स्थित बिंदु माधव मंदिर में शरद पूर्णिमा पर भगवान का विशेष श्वेतांबर श्रृंगार होगा। मंगला आरती के बाद श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। भगवान को खीर और ताजे माखन का महाभोग चढ़ाया जाएगा। चांदनी में रखी खीर अगले दिन भक्तों में प्रसाद के रूप में वितरित होगी।

 
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वाराणसी। शरद पूर्णिमा पर काशी के पंचगंगा घाट स्थित बिंदु माधव मंदिर में भगवान का विशेष श्वेतांबर श्रृंगार किया जाएगा। श्वेत वस्त्रों और आभूषणों से सजे भगवान बिंदु माधव की मनोहारी झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगी। इस अवसर पर भगवान को विशेष खीर और ताजे माखन का महाभोग अर्पित किया जाएगा। रातभर चंद्रमा की रोशनी में रखी गई खीर अगले दिन सुबह भक्तों में प्रसाद के रूप में वितरित होगी।

श्वेत वस्त्रों में सजे प्रभु के होंगे दर्शन

शरद पूर्णिमा पर मंदिर में भगवान बिंदु माधव का श्रृंगार विशेष रूप से श्वेत रंग पर केंद्रित रहेगा। धवल वस्त्रों और सफेद आभूषणों से सजे प्रभु की झांकी को देखने के लिए काशी सहित दूर-दराज से श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

भोर में मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोले जाएंगे। इसके बाद निर्धारित क्रम के अनुसार श्रृंगार आरती संपन्न होगी। मंदिर में दर्शन और पूजा के लिए आने वाले भक्तों को इस विशेष अवसर पर भगवान के श्वेतांबर स्वरूप के दर्शन करने का अवसर मिलेगा।

भगवान को चढ़ेगा खीर और ताजे माखन का महाभोग

शरद पूर्णिमा के अवसर पर बिंदु माधव मंदिर में भगवान को पारंपरिक रूप से विशेष खीर और ताजे माखन का महाभोग अर्पित किया जाएगा। धार्मिक परंपरा के अनुसार, खीर को पूरी रात खुले आसमान के नीचे चंद्रमा की शीतल रोशनी में रखा जाएगा।

अगले दिन सुबह मंगला दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को इसी खीर का प्रसाद वितरित किया जाएगा। इस प्रसाद को पाने के लिए बड़ी संख्या में भक्तों के मंदिर पहुंचने की संभावना है।

शरद पूर्णिमा की खीर का क्या है धार्मिक महत्व?

हिंदू धार्मिक मान्यताओं में शरद पूर्णिमा की रात को विशेष महत्व दिया गया है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा की किरणों से अमृत बरसता है। इसी विश्वास के चलते कई स्थानों पर खीर बनाकर रातभर चांदनी में रखी जाती है और अगले दिन प्रसाद के रूप में ग्रहण की जाती है।

धार्मिक आस्था के अनुसार, शरद पूर्णिमा की खीर को आरोग्य, सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा के तहत बिंदु माधव मंदिर में भी खीर का भोग लगाया जाएगा और भक्तों को प्रसाद बांटा जाएगा।

पंचगंगा घाट पर जुटेंगे श्रद्धालु

शरद पूर्णिमा की विशेष झांकी और खीर प्रसाद के लिए पंचगंगा घाट स्थित बिंदु माधव मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। काशी के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाला यह मंदिर पर्व के अवसर पर भक्तों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। भगवान के श्वेतांबर स्वरूप के दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने के लिए स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ दूसरे क्षेत्रों से भी लोगों के पहुंचने की संभावना है।