सावन में ज्ञानवापी परिसर में नमाज पर रोक की मांग, शिवसेना ने मंदिर प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
वाराणसी। सावन माह के दौरान ज्ञानवापी परिसर में नमाज पर रोक लगाने की मांग को लेकर शुक्रवार को शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने मंदिर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने कहा कि सावन भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र महीना है और इस दौरान लाखों शिवभक्त तथा कांवड़िए काशी पहुंचते हैं। ऐसे में पूरे सावन माह में ज्ञानवापी परिसर में नमाज की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
शिवसेना ने अपने ज्ञापन में तर्क दिया कि माता श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन की अनुमति नहीं है और वर्ष में केवल निर्धारित अवसर पर ही पूजा की जाती है। संगठन का कहना है कि यदि पूजा पर ऐसी व्यवस्था लागू है, तो सावन के दौरान ज्ञानवापी परिसर में नमाज पर भी रोक लगाई जानी चाहिए।
धार्मिक भावनाएं प्रभावित होने का दावा
ज्ञापन में शिवसेना ने दावा किया कि सावन के दौरान ज्ञानवापी परिसर में सामूहिक नमाज अदा किए जाने से शिवभक्तों की धार्मिक भावनाएं प्रभावित होती हैं। संगठन का कहना है कि इससे तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका रहती है। इसी आधार पर प्रशासन से कानून-व्यवस्था, शांति और धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए इस मांग पर विचार करने का अनुरोध किया गया है।
स्पर्श दर्शन की अनुमति बहाल करने की भी मांग
शिवसेना ने ज्ञापन में एक अन्य मांग भी उठाई। संगठन के अनुसार, सावन के दूसरे शुक्रवार को कार सेवा के बाद शिवसेना के कार्यकर्ता परंपरागत रूप से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में स्पर्श दर्शन और पूजन करते रहे हैं। उनका आरोप है कि पिछले कुछ वर्षों से बिना स्पष्ट कारण बताए उन्हें गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।
संगठन ने प्रशासन से पूर्व की व्यवस्था बहाल करते हुए कार सेवा के बाद गर्भगृह में स्पर्श दर्शन और पूजन की अनुमति देने की मांग की है।
