Movie prime

कफ सिरप मामले में शुभम जायसवाल ने जारी किया वीडियो- झूठे मामले में फंसाने का लगाया आरोप

कफ सिरप तस्करी मामले में आरोपी शुभम जायसवाल ने वीडियो जारी कर NCB पर अवैध धन उगाही और राजनीतिक साज़िश के आरोप लगाए। उसने कहा कि अबॉट के वैध लाइसेंस के आधार पर कारोबार किया गया। शुभम ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की, जबकि जांच एजेंसियों ने उसके नेटवर्क के विस्तार का खुलासा किया।

 
शुभम जायसवाल
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

Shubham Jaiswal Cough Syrup Case: कफ सिरप तस्करी मामले में आरोपी शुभम जायसवाल ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें उसने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मुख्य आरोपी शुभम ने दावा किया कि अधिकारियों ने उससे अवैध धन उगाही की कोशिश की और राजनीतिक दबाव में उसे झूठे केस में फंसाया गया। उसने कहा कि गाजियाबाद में मुकदमा NCB अधिकारी के कहने पर दर्ज कराया गया, जबकि उसकी खरीद-बिक्री अबॉट कंपनी के लाइसेंस के आधार पर वैध रूप से की गई।

शुभम ने सदन में उठ रहे इस मुद्दे पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यदि वह गलत है, तो अबॉट कंपनी पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? उसने अखिलेश यादव से अपील की है कि गलत तथ्यों के आधार पर कोई मुद्दा सदन में न उठाया जाए। साथ ही मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग भी की।

जांच से जुड़े तथ्यों के अनुसार, सहारनपुर के विभव राणा गिरोह पर 2021 में NCB की कार्रवाई बढ़ने के बाद शुभम ने 2022 में अपने पिता के नाम पर “शैली ट्रेडर्स” फर्म बनाई। विभव की फर्म पर सवाल उठने के बाद इस मौके का फायदा लेते हुए उसने अपनी फर्म को एबाट हेल्थ केयर लिमिटेड का मुख्य वितरक बनवा लिया। 

पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश तस्करी में बढ़ रही मुश्किलों को देखते हुए उसने रांची में गोदाम बनाया और वहां से पूर्वांचल सहित कई राज्यों के लिए काल्पनिक आपूर्ति दिखाने लगी। गाजियाबाद को इस नेटवर्क का मुख्य भंडारण स्थल बनाया गया, जहां आसिफ और वसीम ने पूरे सप्लाई चेन की जिम्मेदारी संभाली। 


बाद में आसिफ दुबई चला गया, जिसके बाद शुभम को यूपी, असम, महाराष्ट्र, झारखंड सहित कई राज्यों का जिम्मा मिला। वसीम पश्चिम बंगाल नेटवर्क संभालता रहा। धीरे-धीरे शुभम ने महज छह महीनों में कफ सिरप तस्करी का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया, जिसमें फर्जी फर्मों के नाम पर आपूर्ति और कमीशन के आधार पर कारोबार चलाया जाता था।