कोडीन कफ सिरप माफिया पर बड़ी कार्रवाई: शुभम जायसवाल का पिता कोलकाता से गिरफ्तार
सोनभद्र पुलिस ने कोडीनयुक्त कफ सिरप तस्करी मामले में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद को कोलकाता से गिरफ्तार किया। वह दमदम एयरपोर्ट से दुबई भागने की कोशिश कर रहा था। एसआईटी और एसओजी की संयुक्त टीम ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए उसे पूछताछ के लिए सोनभद्र लाने की तैयारी की है।
Codeine cuff syrup case: कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए सोनभद्र पुलिस ने सरगना शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद को कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है। वह दमदम एयरपोर्ट के पास दुबई भागने की कोशिश में था। एसआईटी प्रभारी सदानंद राय व एसओजी प्रभारी राजेश चौबे की संयुक्त टीम ने उसे धर-दबोचा। पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को जल्द ही सोनभद्र लाकर पूछताछ की जाएगी।
दुबई भागने की तैयारी कर रहा था भोला प्रसाद
सूत्रों के मुताबिक, भोला प्रसाद उसी रास्ते से दुबई जाना चाहता था, जहाँ से उसका बेटा शुभम कुछ समय पहले फरार हुआ था। शुभम वर्तमान में दुबई से फेसटाइम के जरिए अपने नेटवर्क को संचालित कर रहा है और वहीं से अपने सहयोगियों को निर्देश दे रहा है।

अमित सिंह टाटा की गिरफ्तारी से खुली तस्करी की परतें
बीते गुरुवार लखनऊ एसटीएफ ने कोडीनयुक्त दवाओं की अवैध सप्लाई मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए अमित सिंह टाटा को गोमतीनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया था। उसके पास से फॉर्च्यूनर, मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। जौनपुर के सुरेरी थाना क्षेत्र का निवासी अमित, वाराणसी कैंट के सिकरौल स्थित वरुणा इंक्लेव में रहता है और जौनपुर के एक पूर्व सांसद का करीबी बताया जाता है। वह रामपुर ब्लॉक से ब्लॉक प्रमुख चुनाव की तैयारी कर रहा था।
अमित सिंह टाटा पर आरोप है कि वह शुभम जायसवाल के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल तक कफ सिरप की बड़े स्तर पर सप्लाई करता था। फर्जी फर्मों और कूटरचित ई-वे बिलों के जरिए फेंसेडिल कफ सिरप की खरीद-बिक्री दिखाकर तस्करों को भारी मात्रा में माल बेचा जाता था। जांच में एबॉट कंपनी के एक अधिकारी की संलिप्तता भी सामने आई है।
50 से अधिक माफिया, व्यापारी और अधिकारी रडार पर
एसटीएफ की जांच में पता चला है कि यह नेटवर्क पश्चिमी यूपी, पूर्वांचल, बिहार, झारखंड और दिल्ली तक फैला हुआ है। लगभग 50 से अधिक माफिया, सफेदपोश, ट्रांसपोर्टर और कारोबारी एजेंसियों के शक के दायरे में हैं। कई दवा कंपनियों और ड्रग विभाग के कुछ पूर्व अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। जल्द ही और बड़ी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
गैंस्टर पृष्ठभूमि वाला अमित सिंह टाटा कई मामलों में वांछित
अमित सिंह टाटा की आपराधिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है। वह कभी कुख्यात मुन्ना बजरंगी के लिए काम करता था और हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी, आर्म्स एक्ट सहित सात से अधिक गंभीर मामलों में आरोपी है। कुछ दिन पहले ही वाराणसी के एक फिटनेस सेंटर में प्रशिक्षक को पिटाई के मामले में उसका नाम सामने आया था।
गिरोह के पर्दाफाश के बाद बढ़ी पुलिस की सक्रियता
शुभम जायसवाल के दुबई जाने के बाद भी पुलिस और एसटीएफ की सक्रिय कार्रवाई जारी है। भोला प्रसाद की गिरफ्तारी से इस पूरे नेटवर्क में शामिल कई बड़े नामों के बेनकाब होने की आशंका बढ़ गई है। पुलिस सूत्रों का मानना है कि यह गिरफ्तारी इस तस्करी सिंडिकेट को तोड़ने में अहम कड़ी साबित होगी।
