Smart India Hackathon : गांवों तक बेहतर इलाज पहुंचाने की पहल, वाराणसी के छात्र तैयार कर रहे ‘SwasthyaSetu’ प्लेटफॉर्म
वाराणसी। ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से माइक्रोटेक कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, संकट मोचन, वाराणसी के बीसीए छात्रों की टीम ‘आरोग्य वॉरियर्स’ स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2026 में हिस्सा ले रही है। टीम समस्या विवरण संख्या 26133 के तहत ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों में सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता से जुड़ी समस्या पर काम कर रही है। इसके लिए छात्रों ने ‘SwasthyaSetu – Smart Rural Healthcare Access & Care Continuity Platform’ नाम से एक समाधान विकसित करने की पहल की है।

प्रोजेक्ट को केवल तकनीकी स्तर तक सीमित न रखते हुए जमीनी जरूरतों के मुताबिक तैयार करने के लिए टीम ने स्वास्थ्य क्षेत्र में फील्ड रिसर्च की। इस दौरान छात्रों ने डॉ. आर.के. ओझा, डॉ. निवेदिता सिंह, डॉ. अतुल साहू और डॉ. सोनी साहू से मुलाकात कर ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।

बातचीत में स्वास्थ्य केंद्रों तक मरीजों की पहुंच, डॉक्टरों और विशेषज्ञों की उपलब्धता, रेफरल प्रक्रिया, दवाइयों और जांच सुविधाओं की स्थिति, मरीजों के फॉलो-अप तथा टेली-कंसल्टेशन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को समझने का प्रयास किया गया। डॉक्टरों के अनुभव और सुझावों से छात्रों को यह समझने में मदद मिली कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर वास्तविक समस्याएं क्या हैं और तकनीक के जरिए उन्हें किस तरह व्यावहारिक समाधान में बदला जा सकता है।
SwasthyaSetu का उद्देश्य मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार उपयुक्त स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंचने में मदद करना है। इसके साथ ही रेफरल, फॉलो-अप और इलाज की निरंतरता को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। टीम का मानना है कि फील्ड रिसर्च से मिले अनुभव उनके समाधान को अधिक उपयोगी और जमीनी जरूरतों के अनुरूप बनाने में मदद करेंगे।
टीम आरोग्य वॉरियर्स में दर्शना दुबे (टीम लीडर), शिवम दुबे, दीपिका यादव, अदिति यादव, रिदम सिंह और रणबीर प्रताप सिंह भाटिया शामिल हैं। टीम का मार्गदर्शन असिस्टेंट प्रोफेसर अशुतोष दुबे कर रहे हैं।
