Movie prime

वाराणसी में तेजी से लग रहे स्मार्ट मीटर– अब बिजली कटने से पहले मिलेगा 3 दिन का मौका

 
वाराणसी में तेजी से लग रहे स्मार्ट मीटर– अब बिजली कटने से पहले मिलेगा 3 दिन का मौका
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

Varanasi : बिजली सेवाओं को आधुनिक, पारदर्शी और उपभोक्ता-हितैषी बनाने के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PVVNL) की ओर से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का काम तेजी से किया जा रहा है। यह कार्य केंद्र सरकार की पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (RDSS) योजना के तहत किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत पुराने मीटरों को निशुल्क स्मार्ट मीटरों में बदला जा रहा है।

बिजली विभाग के अनुसार, जनपद वाराणसी में अब तक 1,74,569 स्मार्ट प्रीपेड मीटर स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं पूरे पूर्वांचल क्षेत्र में लाखों उपभोक्ताओं के घरों में चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।

स्मार्ट मीटर से उपभोक्ताओं को मिलेंगी ये सुविधाएं

स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को कई नई सुविधाएं मिलेंगी:

- समय पर रिचार्ज करने पर बिजली दरों में 2% की विशेष छूट मिलेगी।

- सायं 6 बजे से सुबह 8 बजे तक, रविवार और राजपत्रित अवकाशों पर बिजली नहीं काटी जाएगी।

- बैलेंस नेगेटिव होने पर बिजली काटने से पहले 3 दिन की अतिरिक्त अवधि मिलेगी।

- रिचार्ज करने के 2 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।

- जमा की गई सुरक्षा धनराशि सीधे प्रीपेड बैलेंस में समायोजित की जाएगी।

रीयल टाइम जानकारी और आसान रिचार्ज

उपभोक्ता UPPCL Smart App के माध्यम से अपनी बिजली खपत, बैलेंस और बिल की जानकारी रीयल टाइम में प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा Paytm, Google Pay और जन सेवा केंद्र (CSC) जैसे अधिकृत प्लेटफॉर्म से भी आसानी से रिचार्ज किया जा सकेगा। स्मार्ट मीटर में इनबिल्ट कम्युनिकेशन तकनीक होने से उपभोक्ताओं को कम बैलेंस, भुगतान और खपत से जुड़े SMS व WhatsApp अलर्ट भी मिलते रहेंगे।

बड़े स्तर पर चल रहा मीटर लगाने का काम

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अंतर्गत 73,27,988 उपभोक्ताओं के परिसरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अलग-अलग जोनों में विभिन्न एजेंसियों को कार्यादेश जारी किए गए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, स्मार्ट मीटर से न केवल बिजली वितरण व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि ऊर्जा दक्षता, पारदर्शिता और उपभोक्ताओं की सुविधा भी बढ़ेगी। इसे उत्तर प्रदेश को स्मार्ट और डिजिटल ऊर्जा प्रणाली की ओर ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।