कोडीन कफ सिरप मास्टरमाइंड के सहयोगी विजय गुप्ता की संपत्ति कुर्क, सोनभद्र पुलिस की कार्रवाई
Updated: Apr 3, 2026, 18:06 IST
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वाराणसी। कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार में शामिल आरोपियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। इसी कड़ी में शुक्रवार को वाराणसी के कबीरचौरा इलाके में फरार आरोपी विजय गुप्ता के घर पर कुर्की की बड़ी कार्रवाई की गई।
एसआईटी और पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई
शुक्रवार दोपहर एसआईटी टीम और सोनभद्र पुलिस वाराणसी पहुंची और कबीरचौरा स्थित विजय गुप्ता के मकान को कुर्क कर लिया। पुलिस ने घर में मौजूद सामान को जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई।
कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़ा मामला
जांच में सामने आया है कि विजय गुप्ता, शुभम जायसवाल के साथ मिलकर कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध धंधे में शामिल था। इस पूरे नेटवर्क में विजय का भाई सत्यम गुप्ता भी सक्रिय भूमिका में था। दोनों भाइयों ने “शिविक्षा फार्मा” और “मां कृपा मेडिकल” के नाम से फर्म संचालित कर रखी थी, जिनका इस्तेमाल फर्जी बिलिंग के लिए किया जाता था।
सिर्फ कागजों पर चलता था कारोबार
एसआईटी के विवेचक प्रणय प्रसून श्रीवास्तव के अनुसार, विजय गुप्ता के पास असल में कोई दवा नहीं आती थी। वह केवल कागजों पर बिल तैयार करता था, जबकि माल की सप्लाई और खपत का काम शुभम जायसवाल के जरिए किया जाता था।
बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा था।
नोटिस के बावजूद नहीं हुआ पेश
मामले में पहले ही सत्यम गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि विजय गुप्ता लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए डेढ़ महीने का समय दिया था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई से साफ है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस सख्त रुख अपनाए हुए है। फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क कर उन पर दबाव बनाने की रणनीति जारी है।
एसआईटी और पुलिस ने की संयुक्त कार्रवाई
शुक्रवार दोपहर एसआईटी टीम और सोनभद्र पुलिस वाराणसी पहुंची और कबीरचौरा स्थित विजय गुप्ता के मकान को कुर्क कर लिया। पुलिस ने घर में मौजूद सामान को जब्त कर अपने कब्जे में ले लिया। इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही और पूरे क्षेत्र में हलचल मच गई।
कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़ा मामला
जांच में सामने आया है कि विजय गुप्ता, शुभम जायसवाल के साथ मिलकर कोडीनयुक्त कफ सिरप के अवैध धंधे में शामिल था। इस पूरे नेटवर्क में विजय का भाई सत्यम गुप्ता भी सक्रिय भूमिका में था। दोनों भाइयों ने “शिविक्षा फार्मा” और “मां कृपा मेडिकल” के नाम से फर्म संचालित कर रखी थी, जिनका इस्तेमाल फर्जी बिलिंग के लिए किया जाता था।
सिर्फ कागजों पर चलता था कारोबार
एसआईटी के विवेचक प्रणय प्रसून श्रीवास्तव के अनुसार, विजय गुप्ता के पास असल में कोई दवा नहीं आती थी। वह केवल कागजों पर बिल तैयार करता था, जबकि माल की सप्लाई और खपत का काम शुभम जायसवाल के जरिए किया जाता था।
बताया जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए कफ सिरप का इस्तेमाल नशे के तौर पर किया जा रहा था।
नोटिस के बावजूद नहीं हुआ पेश
मामले में पहले ही सत्यम गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि विजय गुप्ता लगातार फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए डेढ़ महीने का समय दिया था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की गई।
इस कार्रवाई से साफ है कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस सख्त रुख अपनाए हुए है। फरार आरोपियों की संपत्ति कुर्क कर उन पर दबाव बनाने की रणनीति जारी है।
