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वाराणसी में चाइनीज मांझे के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, कारोबारी की मौत पर मुआवजे की मांग; किशन दीक्षित ने प्रशासन पर उठाए सवाल

 
वाराणसी में चाइनीज मांझे के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, कारोबारी की मौत पर मुआवजे की मांग; किशन दीक्षित ने प्रशासन पर उठाए सवाल
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वाराणसी। प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री और इससे लगातार हो रही जानलेवा घटनाओं के विरोध में सोमवार को समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान सपा नेताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सौंपकर चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, अवैध कारोबारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर चाइनीज मांझे की चपेट में आने से जान गंवाने वाले साड़ी कारोबारी के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की।

समाजवादी युवजन सभा के महानगर अध्यक्ष राहुल गुप्ता के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में सपा नेता किशन दीक्षित समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रतिबंध के बावजूद शहर में चाइनीज मांझे की बिक्री धड़ल्ले से जारी है, जिससे आम लोगों की जान खतरे में पड़ रही है।

कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर चाइनीज मांझे से साड़ी कारोबारी की मौत

रविवार की सुबह वाराणसी के कज्जाकपुरा फ्लाईओवर पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। चाइनीज मांझे की चपेट में आने से 55 वर्षीय साड़ी कारोबारी सुनील कुमार गुजराती की गर्दन कट गई। गंभीर चोट लगने के कारण घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई।

इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के नेताओं ने नाराजगी जताई। प्रदर्शन के दौरान सपा नेता किशन दीक्षित ने मृतक साड़ी कारोबारी के परिजनों को उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को केवल औपचारिक कार्रवाई के बजाय प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

किशन दीक्षित का आरोप- छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई, बड़े कारोबारियों को खुली छूट

मीडिया से बातचीत के दौरान सपा नेता किशन दीक्षित ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन चाइनीज मांझे के खिलाफ अभियान के नाम पर केवल छोटे दुकानदारों और कारोबारियों पर कार्रवाई करता है, जबकि इस खतरनाक मांझे का बड़े पैमाने पर कारोबार और निर्माण करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।

किशन दीक्षित ने सवाल उठाया कि आखिर प्रशासन छोटे कारोबारियों पर ही कार्रवाई क्यों करता है, जबकि चाइनीज मांझे की मैन्युफैक्चरिंग और बड़े स्तर पर आपूर्ति करने वाले कारोबारियों को कथित तौर पर खुली छूट दी जा रही है?

उन्होंने मांग की कि प्रशासन चाइनीज मांझे की सप्लाई चेन की जांच कर इसके निर्माण, भंडारण और थोक बिक्री से जुड़े बड़े कारोबारियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

तीन बाइक सवारों के गले कटने और 50 से अधिक पक्षियों की मौत का दावा

जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन में समाजवादी युवजन सभा के महानगर अध्यक्ष राहुल गुप्ता ने कहा कि आगामी मकर संक्रांति और बसंत पंचमी जैसे पर्वों को देखते हुए बाजारों में प्रतिबंधित नायलॉन, प्लास्टिक कोटेड और ग्लास कोटेड मांझे की बिक्री बढ़ने की आशंका है।

ज्ञापन में दावा किया गया कि पिछले वर्ष वाराणसी में चाइनीज मांझे की चपेट में आने से तीन बाइक सवार युवकों के गले कटने की घटनाएं हुई थीं। इसके अलावा 50 से अधिक पक्षियों की मौत भी हुई थी।

सपा नेताओं ने कहा कि चाइनीज मांझा इंसानों और बेजुबान पक्षियों के लिए जानलेवा होने के साथ-साथ बिजली के तारों में उलझकर विद्युत आपूर्ति को भी प्रभावित करता है।

बाजारों में छापेमारी और अवैध मांझे को जब्त करने की मांग

प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी से मांग की कि जनपद के सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित कर बाजारों, थोक विक्रेताओं और चाइनीज मांझे के भंडारण से जुड़े ठिकानों पर विशेष छापेमारी अभियान चलाया जाए। प्रतिबंधित मांझे को जब्त कर इसकी अवैध बिक्री और आपूर्ति करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

इसके साथ ही पतंग विक्रेताओं को केवल सूती मांझा बेचने के लिए जागरूक करने और आम लोगों को चाइनीज मांझे के खतरों के प्रति सचेत करने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग भी की गई।

प्रदर्शन के दौरान सपा नेता किशन दीक्षित के साथ शैलेंद्र सिंह, संदीप मिश्रा, रविकांत, दिलीप सत्यम समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।