महंगाई, पेपर लीक और बिजली कटौती को लेकर सपा ने सरकार को घेरा, आंदोलन की दी चेतावनी
वाराणसी में समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने बढ़ती महंगाई, पेपर लीक, बिजली कटौती, भ्रष्टाचार और कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न के खिलाफ राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। सपा ने भाजपा सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
वाराणसी: देश में बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार, बिजली कटौती और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक के मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी ने वरुणा पुलिस स्थित शास्त्रीघाट पर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी वाराणसी के माध्यम से सौंपते हुए जनसमस्याओं पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
सपा नेता हरीश मिश्रा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण आम जनता का जीवन प्रभावित हो गया है। ज्ञापन में कहा गया कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम आदमी, किसान और मजदूर सबसे ज्यादा परेशान हैं। पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से लोगों की कमर टूट गई है। वहीं दाल, सब्जी और अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों के दाम भी आम जनता की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं।

समाजवादी पार्टी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर भी सरकार को घेरा। ज्ञापन में कहा गया कि लगातार पेपर लीक होने से युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है। मेहनत करने वाले छात्र और अभ्यर्थी निराश और हताश हैं, लेकिन सरकार दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने में विफल साबित हुई है।
सपा कार्यकर्ताओं ने भीषण गर्मी के बीच हो रही अघोषित बिजली कटौती और बिजली दरों में बढ़ोतरी को भी बड़ा मुद्दा बताया। ज्ञापन में कहा गया कि लगातार हो रही बिजली कटौती और बढ़े हुए टैरिफ चार्ज से आम जनता परेशान है। गांव से लेकर शहर तक लोग गर्मी में बिजली संकट झेलने को मजबूर हैं।
इसके अलावा कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा गया। समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया कि थानों और तहसीलों में भ्रष्टाचार चरम पर है और आम लोगों को न्याय पाने के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से मांग की कि जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए। पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो समाजवादी पार्टी सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
