Movie prime

काशी में बोले श्रीश्री रविशंकर- आध्यात्म ही मानवता का सच्चा मार्ग, बाबा विश्वनाथ के किए दर्शन

श्रीश्री रविशंकर ने काशी पहुंचकर बाबा विश्वनाथ, विशालाक्षी और काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने विश्व शांति और भारत की प्रगति के लिए प्रार्थना की। वैश्विक युद्धों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि आध्यात्म ही मानवता को शांति और संतुलन का मार्ग दिखा सकता है।

 
काशी में बोले श्रीश्री रविशंकर
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

वाराणसी : आध्यात्मिक गुरु और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के प्रणेता श्री श्री रविशंकर मंगलवार को वीवीआईपी प्रोटोकॉल के तहत काशी पहुंचे। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में करीब आधे घंटे तक विधि-विधान से बाबा विश्वनाथ का दर्शन-पूजन किया और मंदिर परिसर में बैठकर शिव की आराधना भी की।

विशालाक्षी और काल भैरव मंदिर में भी किए दर्शन

विश्वनाथ मंदिर से निकलने के बाद श्रीश्री रविशंकर गंगा तट स्थित विशालाक्षी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने काशी के कोतवाल माने जाने वाले काल भैरव मंदिर में भी दर्शन किए।

“काशी में ही जीवन का सत्य मिलता है”

दर्शन के बाद उन्होंने कहा कि काशी का महत्व अद्वितीय है। यह शिव की नगरी है, जहां मां पार्वती का वास है और यहां आने से जीवन का वास्तविक सत्य समझ में आता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि हर व्यक्ति को जीवन में एक बार काशी अवश्य आना चाहिए।

विश्व शांति के लिए की विशेष प्रार्थना

मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद अनुयायियों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने बाबा विश्वनाथ से दुनिया में शांति और भारत की प्रगति के लिए प्रार्थना की है।

ईरान-इजरायल जैसे वैश्विक संघर्षों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युद्ध की स्थिति बेहद भयावह है और पूरी मानवता प्रभावित हो रही है।

“आध्यात्मिक मार्ग ही समाधान”

श्रीश्री रविशंकर ने कहा कि आज दुनिया में बढ़ते तनाव और संघर्षों के बीच आध्यात्मिकता ही शांति का रास्ता दिखा सकती है।

उन्होंने विश्वास जताया कि सनातन धर्म की विचारधारा विश्व को सही दिशा दे सकती है और आपसी भाईचारे से ही स्थायी शांति संभव है।

रुद्राक्ष सेंटर में सत्संग

अपने इस दौरे के दौरान वह रूद्राक्ष कंवेशन सेंटर में आयोजित सत्संग कार्यक्रम में भी शामिल होंगे, जहां वह अपने अनुयायियों के बीच करीब एक घंटे तक रहेंगे। इसके बाद उनका वाराणसी से प्रस्थान निर्धारित है।