BHU में बनेगा प्रदेश का पहला ऑल वेदर स्विमिंग पूल, सालभर मिलेगा प्रशिक्षण
वाराणसी। खेलो इंडिया योजना के तहत उत्तर प्रदेश का पहला ऑल वेदर स्विमिंग पूल काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) परिसर में बनाया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। खेलो इंडिया और विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद की संयुक्त टीम ने पुराने स्विमिंग पूल के पास स्थल चयन के लिए सर्वेक्षण भी कर लिया है।
विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के महासचिव प्रो. एके नेमा ने बताया कि प्रदेश में तैराकी को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह पूल ओलंपिक मानकों के अनुरूप बनाया जाएगा। इसके लिए डीपीआर (डिज़ाइन एंड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
ऑल वेदर स्विमिंग पूल बनने के बाद खिलाड़ियों को वर्ष के बारहों महीने प्रशिक्षण मिल सकेगा। वर्तमान में ऑल वेदर सुविधा नहीं होने के कारण तैराकों को केवल मार्च से अगस्त तक ही अभ्यास का अवसर मिलता है। बारिश और ठंड के मौसम में स्वास्थ्य संबंधी कारणों से पूल बंद करना पड़ता है।
वहीं, सिगरा स्थित डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम में इंडोर स्विमिंग पूल तो बना है, लेकिन उसे अभी तक ऑल वेदर के रूप में संचालित नहीं किया जा रहा है। इसे ऑल वेदर पूल में बदला जा सकता है। इस स्टेडियम का निर्माण स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत हुआ है और फिलहाल इसका संचालन खेल विभाग कर रहा है। अभी इसका औपचारिक अधिग्रहण नहीं हुआ है।
क्या होता है ऑल वेदर स्विमिंग पूल?
पूर्व राष्ट्रीय तैराक रीना चौरसिया के अनुसार, ऑल वेदर स्विमिंग पूल में पानी का तापमान नियंत्रित रखा जाता है, जिससे सर्दी, गर्मी और बारिश—तीनों मौसम में तैराकी संभव होती है। यह पूल ऊपर से कवर रहता है, जिससे बाहरी तापमान का असर नहीं पड़ता। पानी को फिल्ट्रेशन सिस्टम से शुद्ध कर गर्म करके पूल में डाला जाता है, जिससे स्वच्छता और स्वास्थ्य मानकों का विशेष ध्यान रखा जाता है।
