वाराणसी में ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे संचालन को कड़ी नियमावली, 28 समितियां बनाए गईं
वाराणसी। काशी में पर्यटकों की सुरक्षा और बेहतर सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे की स्थलीय जांच के लिए थानेवार पांच सदस्यीय समिति गठित की है। इस समिति में पर्यटन अधिकारी मानीटरिंग करेंगे और संचालकों का नाम, पता, मोबाइल नंबर, मकान में कमरों की संख्या, सुरक्षा और सुविधा की स्थिति की जांच करेंगे। शर्तें पूरी न होने पर लाइसेंस नहीं मिलेगा।
पर्यटन विभाग में पंजीकृत सभी पेइंग गेस्ट हाउस को अब 31 मार्च तक ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे में पंजीयन कराना अनिवार्य है। एक अप्रैल से पेइंग गेस्ट हाउस का नाम समाप्त हो जाएगा। जिले में कुल 28 समितियां गठित की गई हैं। नई पर्यटन नीति में ठहरने वाले पर्यटक ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे और संचालक पर्यटकों के साथ पारिवारिक व्यवहार करेंगे।
इस योजना के तहत अधिकतम छह कमरे और 12 बेड वाले भवनों को ही लाइसेंस दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्र में ठहरने वाले पर्यटक ग्रामीण परिवेश का अनुभव कर सकेंगे। लाइसेंस उन्हीं घरों में मिलेगा जिसमें परिवार रहता हो। सुरक्षा के लिए संचालकों को कम से कम तीन सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे और 90 दिन तक रिकॉर्डिंग की सुविधा रखना अनिवार्य होगा।
जिले में करीब 1632 पेइंग गेस्ट हाउस लाइसेंसधारी अब ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट एवं होमस्टे के नाम से पंजीकरण कराएंगे। नगर निगम, पर्यटन विभाग, राजस्व, अग्निशमन और पुलिस विभाग की टीमों द्वारा स्थलीय निरीक्षण और फोटोग्राफ एवं वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था की जाएगी।
पेइंग गेस्ट हाउस में अधिक कमरे होने पर संचालक लाइसेंस नहीं ले पाएंगे। दो-तिहाई कमरे ही पर्यटकों को उपलब्ध कराने की अनुमति होगी। गलत रिपोर्टिंग करने पर समिति या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
– दिनेश कुमार, संयुक्त निदेशक पर्यटन।
