जूना अखाड़ा की नई कार्यकारिणी का ऐलान: स्वामी अवधेशानंद गिरि अध्यक्ष, प्रेम गिरि बने प्रबंधक
वाराणसी स्थित श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के श्रीजपेश्वर महादेव मठ एवं भारतीय इंटर कॉलेज की नई प्रबंध समिति का गठन हुआ। आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि अध्यक्ष और श्रीमहंत प्रेम गिरि प्रबंधक चुने गए। नई कार्यकारिणी का कार्यकाल पांच वर्ष का होगा।
वाराणसी: काशी स्थित श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के श्रीजपेश्वर महादेव मठ एवं परिसर स्थित भारतीय इंटर कॉलेज, बैजनत्था की नई प्रबंध समिति का निर्वाचन सोमवार को संपन्न हुआ। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री एवं जूना अखाड़ा के संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज की मौजूदगी में हुए चुनाव में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि को सर्वसम्मति से अध्यक्ष और श्रीमहंत प्रेम गिरि को प्रबंधक चुना गया। नई कार्यकारिणी का कार्यकाल पांच वर्षों का होगा। चुनाव प्रक्रिया धार्मिक परंपराओं और निर्धारित नियमों के अनुसार शांतिपूर्ण माहौल में पूरी की गई।
नई कार्यकारिणी में इन्हें मिली जिम्मेदारी
निर्वाचन के बाद गठित नई प्रबंध समिति में श्रीमहंत उमाशंकर भारती को सभापति (उपाध्यक्ष) तथा श्रीमहंत रामेश्वर गिरि महाराज को कोषाध्यक्ष बनाया गया।
इसके अलावा कार्यकारिणी सदस्य के रूप में श्रीमहंत महेश पुरी महाराज, श्रीमहंत होम भारती, श्रीमहंत कंचन गिरि महाराज, महंत पृथ्वी गिरि, सुंदर पुरी महाराज, महंत महेंद्रानंद गिरि महाराज, महंत शैलेंद्र गिरि, महंत वीरेंद्रानंद गिरि, महंत रणधीर गिरि, महंत मोहन भारती, महंत निरंजन भारती, शिवानंद सरस्वती तथा श्रीमहंत आनंद पुरी को शामिल किया गया।
पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई चुनाव प्रक्रिया
निर्वाचन की संपूर्ण प्रक्रिया निर्वाचन अधिकारी पपीहा त्रिपाठी के निर्देशन में संपन्न हुई। चुनाव बैठक का शुभारंभ भगवान श्रीजपेश्वर महादेव की समाधि, भगवान शिव और श्रीहनुमान जी महाराज के विधिवत पूजन-अर्चन से हुआ।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के संरक्षण तथा आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि की अध्यक्षता में संपन्न इस बैठक में अखाड़े के संतों और पदाधिकारियों की उपस्थिति रही।
पांच वर्षों तक संभालेगी जिम्मेदारी
निर्वाचित प्रबंध समिति आगामी पांच वर्षों तक श्रीजपेश्वर महादेव मठ और परिसर स्थित भारतीय इंटर कॉलेज, बैजनत्था के प्रशासनिक, धार्मिक एवं संस्थागत कार्यों का संचालन करेगी। चुनाव संपन्न होने के बाद संतों ने नई कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं और संस्था के विकास के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प दोहराया।
