स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने मणिकर्णिका घाट विवाद पर कसा तंज: एआई वीडियो से भ्रम फैलाना ...
वाराणसी। मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सुंदरीकरण कार्यों को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल एआई जनरेटेड वीडियो और तस्वीरों के कारण देशभर में राजनीतिक बवाल मचा हुआ है। विपक्षी दल इसे मंदिर तोड़ने का मामला बताकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और योगी सरकार पर हमला बोल रहे हैं, जबकि प्रशासन ने इन्हें फर्जी करार देते हुए कई FIR दर्ज की हैं। इसी बीच मंगलवार सुबह सिद्ध हिंदू संत स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती काशी विश्वनाथ धाम स्थित कुंभा महादेव मंदिर पहुंचे और निरीक्षण किया।
इस दौरान उनके साथ श्री काशी विश्वनाथ धाम के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र भी मौजूद रहे। स्वामी जी ने मणिकर्णिका घाट पर चल रहे विकास कार्यों का भी जायजा लिया और मां गंगा की पूजा-अर्चना की।
कुंभा महादेव मंदिर में निरीक्षण के बाद स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि एआई जनरेटेड वीडियो साझा करके लोगों को भ्रमित करना बहुत निचले दर्जे की राजनीति है। काशी में मंदिर तोड़े जाने की बात करना एक गहरा षड्यंत्र है। जिस प्रधानमंत्री ने 500 वर्षों के संघर्ष के बाद राम मंदिर का निर्माण कराया और विंध्य धाम कॉरिडोर बनवाया, उस प्रधानमंत्री पर इस तरह का अक्षेप लगाना औरंगजेब वाली सोच है।"
उन्होंने जोर देकर कहा कि काशी विश्वनाथ धाम और मणिकर्णिका घाट जैसे पवित्र स्थलों का सुंदरीकरण श्रद्धालुओं की सुविधा और सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए किया जा रहा है। फर्जी वीडियो फैलाकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने की कोशिश नाकाम रहेगी।
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब मणिकर्णिका घाट के पुनर्विकास को लेकर विपक्ष और कुछ नेता आरोप लगा रहे हैं कि यहां मूर्तियां और मंदिर क्षतिग्रस्त किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वायरल सामग्री ज्यादातर एआई से बनी है और वास्तविकता से इसका कोई लेना-देना नहीं है। पुलिस ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
