सीबीआई की तर्ज पर काम करेगी कमिश्नरेट पुलिस की क्राइम ब्रांच, अब तकनीकी और कानूनी दक्ष अधिकारी करेंगे विवेचना
वाराणसी I पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने आज अपराध शाखा एवं ए0एच0टी0 थाना के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और अपराध नियंत्रण एवं विवेचना में गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए।
पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि अपराध शाखा अब सीबीआई की तर्ज पर कार्य करेगी। यह अब केवल पुराने मामलों की फाइलों का डंपिंग यार्ड नहीं रहेगी, बल्कि गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध विवेचना का मुख्य केंद्र बनेगी। विवेचना का दायित्व केवल उन विवेचकों को सौंपा जाएगा जिनमें तकनीक और कानून की गहरी समझ हो। इससे वादियों में न्याय की भावना तथा अभियुक्तों में कानून का भय पैदा होगा, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी स्पष्ट हो सके।
समीक्षा के दौरान थाना ए0एच0टी0 द्वारा विगत तीन वर्षों से लापता 06 बालिकाओं की सफल बरामदगी पर पुलिस आयुक्त ने टीम की सराहना की और प्रशंसा व्यक्त की।
पुलिस आयुक्त के निर्देशन में अपराध शाखा ने विगत वर्ष 49 विवेचनाओं का निस्तारण किया, जबकि जनवरी 2026 में कुल 06 विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण निपटारा किया गया। उन्होंने लंबित विवेचनाओं के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध) को प्रतिदिन लंबित विवेचनाओं की समीक्षा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए, ताकि निरंतर निगरानी बनी रहे। यदि विवेचना में किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई।
मानव तस्करी एवं महिला/बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता एवं तत्परता बरतने पर विशेष जोर देते हुए पुलिस आयुक्त ने निर्देश दिया कि आधुनिक विवेचना के लिए डिजिटल साक्ष्य विश्लेषण उपकरण, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक जांच एवं तकनीकी विशेषज्ञता का अधिकतम उपयोग किया जाए।
यह समीक्षा बैठक अपराध नियंत्रण में पुलिस कमिश्नरेट की प्रतिबद्धता को मजबूत करने वाली साबित होगी, जिससे वाराणसी में कानून व्यवस्था और न्याय की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनेगी।
