मंडलायुक्त ने सीवर कार्यों का लिया जायजा, स्थानीय लोगों से लिया फीडबैक, अफसरों को काम में तेजी के दिए निर्देश
वाराणसी। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने सोमवार को जल निगम (नगरीय) की ओर से कराए जा रहे सीवरेज और पेयजल संबंधी कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कार्यस्थलों पर पहुंचकर निर्माण की प्रगति, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की स्थिति देखी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से योजना की वर्तमान स्थिति और कार्य पूरा होने की समयसीमा की जानकारी भी ली।

अमृत 2.0 योजना के तहत क्लस्टर-05 में नगवा, शिवला, जंगमबाड़ी, बंगाली टोला और बघाड़ा वार्डों के लिए सीवरेज योजना पर काम चल रहा है। इस योजना की स्वीकृत लागत 16622.06 लाख रुपये, जबकि अनुबंधित लागत 10025.03 लाख रुपये है। योजना के तहत 4 अप्रैल 2026 से कार्य शुरू हुआ है, जिसे 3 अप्रैल 2028 तक पूरा किया जाना है। इसके अंतर्गत कुल 64.88 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाने के साथ 15,748 सीवर हाउस कनेक्शन किए जाने प्रस्तावित हैं।
मौजूदा समय में बघाड़ा और नगवा वार्ड में सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। अब तक करीब 2.28 किलोमीटर सीवर पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है, जबकि बाकी कार्य प्रगति पर है। निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने स्थानीय लोगों से भी काम को लेकर फीडबैक लिया। लोगों ने कार्य की धीमी गति की शिकायत की। इस पर जल निगम के अभियंताओं ने बताया कि बारिश के मौसम के कारण काम की रफ्तार प्रभावित हो रही है।
बघाड़ा वार्ड के पार्षदपति मो. कासिम ने मंडलायुक्त को कार्य की गुणवत्ता को लेकर संतुष्टि जताई। इसके बाद मंडलायुक्त ने अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में श्रमिक लगाकर काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीवर लाइन के साथ-साथ पेयजल पाइप लाइन का काम भी कराया जाए, ताकि भविष्य में सड़क को दोबारा खोदने की जरूरत न पड़े।
मंडलायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विकास कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा में पूरे किए जाएं। निर्माण के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। वहीं, काम पूरा होने के बाद सड़कों और सार्वजनिक स्थलों को पूर्व स्थिति में व्यवस्थित करने को भी कहा गया।
उन्होंने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने और लंबित कार्यों की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। साथ ही लापरवाही सामने आने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय करने की बात कही। निरीक्षण के दौरान जल निगम (नगरीय) के अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे और उन्होंने मंडलायुक्त को चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी दी।
