काशी में बसने का सपना होगा आसान! ‘आनंद काशी’ में अगले सप्ताह से शुरू हो सकता है प्लॉट रजिस्ट्रेशन
वाराणसी। काशी में आधुनिक सुविधाओं और सांस्कृतिक विरासत का संगम देखने को मिलेगा। वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) की ओर से कल्लीपुर क्षेत्र में विकसित की जा रही ‘आनंद काशी आवासीय योजना (फेज-1)’ को लेकर तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। योजना के RERA अनुमोदन की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है और अगले सप्ताह से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
योजना की प्रगति को लेकर वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में परियोजना की मौजूदा स्थिति, RERA की प्रक्रिया और आगे की कार्ययोजना की समीक्षा की गई।
करीब 4,56,398.69 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित की जा रही ‘आनंद काशी’ को काशी की सांस्कृतिक और वैदिक पहचान को आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ जोड़कर तैयार किया जा रहा है। VDA के मुताबिक, यह करीब तीन दशक बाद विकसित की जा रही काशी की थीम पर आधारित पहली समेकित गेटेड सिटी होगी।
1,004 आवासीय प्लॉट, 108 व्यावसायिक भूखंड
आनंद काशी आवासीय योजना के पहले चरण में कुल 1,004 आवासीय प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। इनमें 72, 162, 200 और 288 वर्गमीटर के प्लॉट शामिल हैं। इसके अलावा योजना में 3 ग्रुप हाउसिंग भूखंड, 108 व्यावसायिक भूखंड, एक शैक्षणिक भूखंड, एक हेल्थकेयर भूखंड, एक कम्युनिटी सेंटर और दो यूटिलिटी भूखंड प्रस्तावित हैं।
टाउनशिप में बेहतर आवागमन के लिए 24, 18, 12 और 9 मीटर चौड़ी सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। जलापूर्ति, सीवरेज, बिजली, बारिश के पानी की निकासी समेत अन्य जरूरी सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है।
करीब 2 हेक्टेयर में बनेगा केंद्रीय पार्क
‘आनंद काशी’ की खासियतों में इसका केंद्रीय पार्क भी शामिल होगा। करीब 2 हेक्टेयर यानी 4.94 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाला यह पार्क टाउनशिप का प्रमुख आकर्षण बनेगा। पार्क के बीच में नटराज की प्रतिमा और जल फव्वारे से सुसज्जित केंद्रीय प्लाजा प्रस्तावित है। इसके अलावा यहां ओपन लॉन, एम्फीथिएटर, बच्चों के लिए प्ले एरिया, मेडिटेशन गार्डन, वरिष्ठ नागरिकों के लिए जोन, फ्लावर गार्डन, जॉगिंग ट्रैक और पैदल पथ जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
पार्क के आसपास पैदल चलने वालों के लिए मार्केट प्लाजा और व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करने की भी योजना है। टाउनशिप को जोड़ने के लिए चार प्रमुख पैदल प्रवेश द्वार प्रस्तावित किए गए हैं।
मियावाकी वन से बढ़ेगी हरियाली
आनंद काशी योजना में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। योजना की सीमा के पास करीब 3.71 एकड़ क्षेत्रफल में मियावाकी पद्धति से सघन वन विकसित करने का निर्णय लिया गया है।
VDA के अनुसार, टाउनशिप के कम से कम 15 प्रतिशत क्षेत्र को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। काशी की सांस्कृतिक और वैदिक विरासत को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही इस योजना में हरित क्षेत्र और पर्यावरणीय पहल अहम हिस्सा होंगे।
VDA उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने कहा कि ‘आनंद काशी आवासीय योजना’ प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। इसका उद्देश्य आधुनिक नगरीय सुविधाओं, व्यवस्थित आवासीय विकास और पर्यावरणीय संतुलन को एक साथ लेकर चलना है।
प्राधिकरण का कहना है कि ‘आनंद काशी’ में काशी की सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक बुनियादी सुविधाओं के साथ जोड़ा जाएगा। ऐसे में यह योजना भविष्य में वाराणसी में एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और हरित आवासीय क्षेत्र के रूप में विकसित होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
